कोरोना वाॅरियर्स को हाईड्राॅक्सी क्लोरोक्वीन खिलाना शुरू
कोविड 19 के नियंत्रण के लिए रविवार से प्रशासन, पुलिस व स्वास्थ्य
विभाग सहित जनप्रतिनिधियों और धनात्मक प्रकरणों के प्राथमिक संपर्क में आने
वालों को हाइड्राक्सी क्लोरोक्वीन की टेबलेट खिलाना शुरू किया गया
महासमुंद
07 जून 2020/ कोरोना से संक्रमण का सबसे अधिक खतरा उनको है, जो संवेदनशील
इलाकों और परिस्थितियों में स्वास्थ्य परीक्षण, निगरानी और प्रबंधन सहित
कानून व्यवस्था के सुचारू संचालन की कवायद में जुटे हुए हैं। राज्य शासन
एवं जिला प्रशासन को उनकी सुरक्षा का भी ख्याल है। इसी कड़ी में 07 जून 2020
से एहतियात के तौर पर रोजाना कोरोना वायरस से सामना करने वाले प्रशासन,
पुलिस और स्वास्थ्य महकमे से आपालकालीन सेवाओं में तैनात
अधिकारी-कर्मचारियों सहित जनप्रतिनियों और कोविड-19 के प्राथमिक संपर्क
यानि प्रायमरी कान्टेक्ट में आने वाले लोगों को हाइड्राक्सी क्लोराक्वीन की
टेबलेट खिलानी शुरू की गई। उल्लेखनीय है कि यह वही दवा है जो तकरीबन सौ
वर्ष पूर्व मलेरिया जैसी बीमारियों के उपचार के लिए ईजाद की गई थी। हालांकि
यह कोविड 19 की बीमारी या उपचार के लिए पूर्णतः सटीक व कारगर नहीं मानी
जाती हैं, किन्तु वर्तमान परिप्रेक्ष में विशेषज्ञों की राय के आधार पर
इसका उपयोग शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए किया जा रहा है।
इस
संबंध में हाल ही में जिले में तैयारियों का जायजा लेने आए राज्य के उच्च
स्तरीय अधिकारियों में ओएसडी श्री वेंकट राहुल, विश्व स्वास्थ्य संगठन से
डाॅ. प्रणीत कुमार एवं जिला प्रभारी डाॅ वायके शर्मा ने महासमुंद के जिला
चिकित्सालय सहित कन्टेन्मेंट जोन बागबाहरा एवं क्वारंटीन केन्द्रों का
भ्रमण किया था। इसके उपरांत राज्य स्तरीय दल ने कलेक्टर श्री कार्तिकेया
गोयल से मुलाकात कर चर्चा की और इस दौरान हाइड्राक्सी क्लोरोक्वीन दवा
खिलाए जाने पर विचार किया गया। इस तारतम्य में कलेक्टर श्री गोयल के
निर्देश के परिपालन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा दवा भंडारण कर रविवार से ही
संबंधितों को दवा खिलानी शुरू कर दी गई है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार
विशेषज्ञों की राय एवं उचित देख-रेख में आयु-वर्ग व शरीरिक क्षमता और
आवश्यकतानुरूप दवा का सेवन कराया जाएगा।
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