बागबाहरा तहसील के क्वारन्टीन सेंटर में रुके महिलाओं का किया जा रहा है विशेष देखभाल, 6160 गरिमा किट का वितरण
गर्भवती माताओं के डिलीवरी के लिए ब्लॉक मुख्यालय बागबाहरा में बनाया गया विशेष आइसोलेशन वार्ड
महासमुंद
08 जून 2020/ बागबाहरा तहसील के अंतर्गत स्थित क्वॉरेंटाइन सेंटरों में
प्रवासी श्रमिकों का आना जारी है। इन प्रवासी श्रमिकों में पुरुष, महिला
एवं बच्चे शामिल हैं। ये सभी प्रवासी श्रमिक अन्य राज्यों एवं जिले से आ
रहे हैं। इन श्रमिकों को क्वॉरेंटाइन सेंटर में रोकना स्थानीय प्रशासन की
महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बागबाहरा श्री
भागवत प्रसाद जायसवाल के मार्गदर्शन में ना केवल पुरुष, बच्चों अपितु
महिलाओं की समस्याओं का भी विशेष ध्यान रखते हुए स्थानीय स्तर पर कार्य किए
जा रहे हैं। इसी कड़ी में आज क्वॉरेंटाइन सेंटर में रहने वाले माताओं को
निःशुल्क गरिमा कीट (सेनेटरी पैड) का वितरण किया गया। बागबाहरा तहसील के
अंतर्गत स्थित क्वॉरेंटाइन सेंटर में वर्तमान में 1391 महिलाएं आइसोलेशन
में है। इन महिलाओं के मासिक दिनों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए
स्थानीय प्रशासन द्वारा पहल करते हुए कुल 1160 गरिमा किट वितरण करने का
लक्ष्य रखा है। इस कड़ी में आज बागबाहरा तहसील के विभिन्न क्वॉरेंटाइन सेंटर
में स्वास्थ्य कर्मियों, मितानिन, महिला एवं बाल विकास विभाग की आंगनबाड़ी
कार्यकर्ताओं के सहयोग से बड़ी संख्या में गरिमा किट का वितरण किया गया।
इसमें 45 साल से कम उम्र की महिलाओं के लिए सेनेटरी पैड्स मासिक आवश्यकता
की अनिवार्य वस्तु है, जिसे संकोच के कारण अन्य कर्मचारियों से मंगवा नही
सकती। इसीलिए उन्हें यह उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि वो इस दौरान होने वाले
मानसिक दिक्कतों और शारीरिक संक्रमण से बच सके। इसके साथ-साथ विकासखण्ड
मुख्यालय में 09 माह की गर्भ धारण अवधि वाली महिलाओं को विकासखंड स्तर के
आइसोलेशन चिकित्सा केन्द्र में लाकर उनकी सुरक्षित डिलीवरी की भी तैयारी की
जा रही है, जिससे कि उनको और उनके होने वाले बच्चे को संक्रमित होने से
बचाया जा सके। प्रशासन की इस योजना को लेकर क्वॉरेंटाइन सेंटर में रहने
वाली महिलाएं प्रशासन की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत खाद्य पदार्थों का
वितरण, क्वॉरेंटाइन सेंटर में रहने की व्यवस्था ,पीने के पानी की व्यवस्था
,गर्मी के दिनों में कूलर की व्यवस्था और अब गरिमा किट का जो वितरण किया जा
रहा है। स्थानीय प्रशासन ने भी बाहर से आने वाले प्रवासी मजदूरों से अपील
की है कि वे अपने आने की किसी भी प्रकार की जानकारी प्रशासन से ना छुपाएं
एवं 14 दिन के अनिवार्य क्वॉरेंटाइन को स्वीकार करते हुए स्थानीय स्तर पर
बनाए गए क्वॉरेंटाइन सेंटर पर रहकर प्रशासन एवं स्थानीय लोगों की मदद करें
जिससे कोविड-19 के संक्रमण को रोका जा सकें।