जीएनएम नर्सिंग सेंटर को कोविड केयर यूनिट में बदलने का काम लग... - CG Sandesh

जीएनएम नर्सिंग सेंटर को कोविड केयर यूनिट में बदलने का काम लगभग पूर्ण, 240 बिस्तरों वाला होगा यह सेंटर

डाॅनिंग और डाॅफिग सहित उपचार के लिए अनुभवी चिकित्सकों के साथ आवश्यक उपकरणों से लैस

महासमुंद 10 जून 2020/ जिले में कोराना वायरस के संक्रमण और रोकथाम को लेकर कलेक्टर श्री कार्तिकेया गोयल के मार्गदर्शन में लोक निर्माण विभाग और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से कड़ी मेहनत कर कोविड-19 केयर सेंटर शुरू करने की तैयारी में जुटा हुआ है। कोविड केयर यूनिट के लिए लगभग सभी तैयारियां कर ली गईं हैं। जल्द ही कोविड-19 से पीड़ित मरीजों का उपचार जिला मुख्यालय में ही किया जा सकेगा।

कोरोना से संक्रमित पाए जाने वाले मरीजों को उपचार के लिए राजधानी रिफर किए जाने की बाध्यता अब समाप्त हो जाएगी। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ रवि मित्तल ने बताया कि कोविड केयर यूनिट में अनुभवी विशेषज्ञ चिकित्सक, आयुष अधिकारियों, नर्सिंग एवं पैरा मेडिकल स्टाफ सहित आया, वार्ड ब्वाय की चैबीसों घंटे ड्यूटी लगेगी। कोविड केयर यूनिट को अत्याधुनिक उपकरणों से लैस किया गया है। इससे मरीजों को वही सारी चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। जो राजधानी सहित अन्य बड़े चिकित्सालयों में उपलब्ध होता हैं।



स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार कोविड केयर सेंटर में तकनीकी उपकरणों से परिपूर्ण कंट्रोल रूम, कुल 240 बिस्तर और अन्य चिकित्सकीय उपलब्धताएं बनाई गईं है। यहां मरीज केे आते ही सबसे पहले उन्हें सैनिटाइज्ड कर स्पेशल किट उपलब्ध कराया जाएगा। इसके पश्चात् उनका गहनता से स्वास्थ्य परीक्षण करने के उपरांत संक्रमण की स्थिति, लक्षण एवं उम्र अनुसार शारीरिक क्षमता के अनुभवी चिकित्सकों की देख-रेख में चरणबद्ध तरीके से हाइड्राॅक्सी क्लोरोक्वीन की खुराक दी जाएगी, साथ ही विटामिन बी-काॅम्प्लेक्स, जिंक एवं विटामिन-डी की दवाएं देते हुए उपचार की सेवाएं जारी रहेंगी। दूसरी ओर संक्रमण पीड़ितों के लिए यहां विशेष डाइट चार्ट तैयार किया गया है। जिसमें उनके लक्षणों और पूर्व से चल रहे डायबिटीज एवं ब्लड प्रेसर जैसी बीमारियों को ध्यान में रखते हुए स्वच्छ और पौष्टिक भोजन की सुविधा भी दी जाएगी।

खास बात यह है कि संक्रमण से पूर्ण सुरक्षा के लिए यहां काम करने वाले सभी स्वास्थ्यकर्मी प्रवेश एवं निकासी के दौरान डॉनिंग और डाॅफिंग क्षेत्र में सबसे पहले स्वयं को सैनिटाइज्ड करेंगे। साथ ही उनके ठहरने के लिए भी कोविड केयर सेंटर परिसर में ही कार्यभार व सेवा दायित्व के अनुरूप अलग-अलग कक्षों की व्यवस्था की गई है। ऐहतियात के तौर पर यहां सेवाएं प्रदान करने वाले चिकित्सकीय दल को भी 14-14 दिनों के लिए क्वारंटीन किया जाएगा।


भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर

पीजी पोर्टल में शिकायत के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय, जाँच प्रणाली में सुधार की आवश्यकता, आजादी के 79 साल बाद भी शिकायत के जाँच में स्वतंत्रता नही.


अन्य सम्बंधित खबरें