हर विभाग ने दिया अविलंब योगदान, कोरोना को हराने कोविड केयर सेंटर और कोविड हाॅस्पिटल बन कर तैयार
कोविड बनाम महासमुंद की लड़ाई में शासकीय विभागों के
जबरदस्त आपसी समन्वय ने समय-सीमा में तैयार कर लिया कोविड केयर सेंटर का
पूरा ढांचा
आवश्यक वास्तु
बदलाव के साथ अनुभवी चिकित्सकों और अत्याधुनिक मशीनरी से लैस उपचार की
सेवाओं से अब जिले के कोविड पॉजिटिव मरीजों का पूरा उपचार मुख्यालय में
संभव
महासमुंद 13 जून
2020/ कोरोना के साथ जंग में अनेकता में एकता की परिभाषा को चरितार्थ करते
हुए, जिला प्रशासन के साथ जुड़े शासकीय विभागों में स्वास्थ्य, ग्रामीण
यांत्रिकी सेवा, लोक निर्माण, सिंचाई, शिक्षा, ट्रायबल, पंचायत और शिक्षा
विभाग सहित अन्य के आपसी सामन्जस्य की मेहनत रंग लाई और जिला कोविड-19 का
उपचार करने में सक्षम बन गया है। बता दें कि कलेक्टर श्री कार्तिकेया गोयल
और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत डाॅ रवि मित्तल के अनुभवी निर्देशन
और मार्गदर्शन में तैयार किए गए जिला चिकित्सालय के कोविड और नाॅन कोविड
सेक्शन सहित जीएनएम नर्सिंग सेंटर को बतौर कोविड केयर सेंटर में तब्दील
करने का काम निर्धारित समय-सीमा में पूरा कर लिया गया है। अब कोविड-19 के
उपचार प्रबंधन के लिए अत्याधुनिक मशीनरी सहित अनुभवी चिकित्सकीय दल को
प्रशिक्षित करने के बाद उनकी चार्ट अनुसार ड्यूटी लगा कर चौबीसों घंटे की
तैनाती भी की जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार शीघ्रता पूर्वक तैयार
की गई, इन सेवा-सुविधाओं में अधिकारी-कर्मचारी वर्ग के साथ जमीनी स्तर पर
काम करने वाले संलग्न विभागों के तृतीय और चतृर्थ वर्ग के शासकीय एवं
अशासकीय कर्मचारियों और मेहनतकश मजूदरों ने भी जम कर पसीना बहाया। कठिन दौर
में एकजुटता के साथ किए गए सम्मिलित योगदान की बदौलत उपलब्ध हुई नवीन
स्वास्थ्य सुविधाओं के मिलने से अब, जिले के कोविड-19 पीड़ित मरीजों को
उपचार के लिए राजधानी भेजे जाने की बाध्यता और परेशानी पूर्णतः समाप्त हो
गई है। निसंदेह जिला चिकित्सालय के कोविड सेक्शन सहित कोविड केयर सेंटर की
सेवाएं कोरोना वायरस के नियंत्रण और रोकथाम के साथ-साथ उपचार की उत्कृष्ट
सेवाएं प्रदाय करने में कोविड पाॅजिटिव को कोविड निगेटिव में बदलने के लिए
मील का पत्थर साबित होंगी।

कोविड केयर सेंटर की विशेषताओं पर एक नजर
बिना
लक्षण वाले कोविड पाॅजिटिव प्रकरणों के लिए नदियों के नाम वाले 20 कमरों
में 240 बिस्तर हुए तैयार, पृथक रूप से बनाए गए 52 कक्षों में ही रहगा
कोविड-19 का चिकित्सकीय दल, चौबीसों घंटे रहेगी उपलब्धता, निगरानी सीसीटीवी
कैमरे कंट्रोल यूूनिट से जुड़े, टू वे माइकिंग सिस्टम से मरीज भी लगा सकेगे
पुकार, संक्रमण रोकने में डाॅनिंग-डाॅफिंग का बाथिंग और पीपीई किट बदलने
की सैनेटाइजेशन सुविधा रखेगी सुरक्षित, सेंट्रल ऑक्सीजन और वैक्यूम सक्शन
की सुविधाओं से कठिन दौर में भी मरीजों निकाल सकेंगे बाहर एवं किचन और
हाइजेनिक मैस की सुविधा उपलब्ध कराएगी मरीजों और स्वस्थ्यकर्मियों को
सुरक्षित पोषण आहार।
जिला चिकित्यालय के कोविड-नाॅन कोविड भी तैयार
कोविड
सेक्शन के अट्ठाईस बिस्तरों में होगा कोविड के लक्षण वाले पाॅजिटिव मरीजों
का पूर्ण उपचार, तीन-तीन के सेट में तैयार आईसीयू के हरेक बिस्तर में जोड़े
जा चुके हैं सेंट्रल ऑक्सीजन और वैक्यूम सक्शन, जिला चिकित्सालय के भवन
में पार्टीशन कर तैयार हुए डाॅनिंग और डाॅफिंग के लिए सुरक्षित दो-दोे पृथक
कक्ष।नाॅन-कोविड सेक्शन के मरीजों एवं स्वाथ्यकर्मचारियों के लिए पृथक रूप
से बनाया गया है अंदरूनी रास्ता, नाॅन-कोविड मरीजों की चिकित्सकीय सेवाएं
यथावत जारी, कोरोना से संक्रमित होने का नहीं होगा कोई खतरा एवं उपचार करने
वाले चिकित्सकीय अमले सहित परामर्शदाताओं को भी किया जा चुका है कोविड
प्रशिक्षित।

भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर
पीजी पोर्टल में शिकायत के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय, जाँच प्रणाली में सुधार की आवश्यकता, आजादी के 79 साल बाद भी शिकायत के जाँच में स्वतंत्रता नही.
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