प्रत्येक गौठान ग्रामों में नोडल अधिकारी एवं गौठान प्रभारी नियुक्त हितग्राहियों को लाभान्वित करने के लिए जिले को लक्ष्य
महासमुंद 19 जून 2020/ राज्य शासन के सर्वोच्च प्राथमिकता अनुसार नरवा, गरूवा, घुरवा एवं बारी योजनान्तर्गत जिले के संचालित गौठानों में रोका-छेका परम्परा अभियान का शुभारंभ अतिथियों द्वारा विभागीय गतिविधियों के माध्यम से आज शुभारंभ किया गया जो 30 जून 2020 तक चलेगा। 12 दिवसीय इस अभियान के अंतर्गत पशुधन, कुक्कुट ईकाई वितरण, विभागीय व्यक्तिमूलक योजनाओं के प्रकरण तैयार किया जाना, चारा विकास एवं अन्य विभागीय कार्य चयनित गौठान ग्रामों में किया जाएगा। सुचारू रूप से क्रियान्वयन हेतु प्रत्येक गौठान ग्रामों में नोडल अधिकारी एवं गौठान प्रभारी नियुक्त किया गया हैं।
पशु
चिकित्सक सेवाएं के उप संचालक ने बताया कि हितग्राहियों को लाभान्वित करने
के लिए जिले को लक्ष्य प्राप्त हुआ है। इनमें 800 बैकयार्ड कुक्कुट ईकाई,
अनुदान पर 35 सुकरत्रयी इकाई, बकरी नस्ल सुधार हेतु 80 उन्नत नस्ल बकरा
वितरण, गौवंशीय पशुधन में नस्ल सुधार हेतु ग्राम पंचायत स्तर पर 09 उन्नत
नस्ल के सांडो का वितरण किया जाना लक्षित है। इस प्रकार गौठान ग्रामों में
82 उन्नत नस्ल की बछिया के भरण पोषण हेतु पशु आहार अनुदान राशि का वितरण
प्रस्तावित है। गौठान ग्राम एवं उसके आसपास के ग्रामों के चयनित
हितग्राहियों को राज्य डेयरी उद्यमिता विकास योजना अंतर्गत स्थापित डेयरी
के भौतिक सत्यापन पश्चात अनुदान राशि का वितरण किया जाएगा।
राष्ट्रीय कृषि
विकास योजना अंतर्गत उपलब्ध लगभग ढाई लाख नेपीयर रूटकट्स (हरा चारा) का
रोपण गौठान ग्राम के विकसित चारागाहों में किया जावेगा। प्राईवेट कृत्रिम
गर्भाधान कार्यकर्ता/पशुधन मित्र को कार्य आधारित मानदेय का वितरण किया
जाएगा। प्रत्येक संचालित गौठानों में विभागीय शिविर का आयोजन किया जाएगा।
जिसमें बांझ पशु उपचार, पशु स्वास्थ्य रक्षा कार्यक्रम अंतर्गत टीकाकरण,
डिवर्मिंग, मिनरल मिक्शचर प्रदाय, उपचार आदि कार्य तथा विभागीय योजनाओं की
जानकारी दी जाएगी। किसान क्रेडिट कार्ड हेतु इच्छुक पशुपालकों से निर्धारित
प्रारूप में आवेदन पत्र प्राप्त किया जाएगा। नेशनल लाईवस्टाॅक मिशन
अंतर्गत चाराबीज मिनीकिट हेतु गौठान ग्रामों में प्रकरण तैयार किया जाएगा।
इसके साथ ही योजना के तहत् बकरी इकाई (10 मादा बकरी$01 उन्नत बकरा) वितरण
के लिए प्रकरण तैयार किया जाएगा।