बागबाहरा में हुए तेज बारिश के कारण छत्तीसगढ़ और उड़ीसा सीमा में लगे खट्टी ग्राम के बैराज पुल बह गई.
बागबाहरा में हुए तेज बारिश के कारण छत्तीसगढ़ और उड़ीसा सीमा में लगे खट्टी ग्राम के बैराज पुल आज बह गई है. विदित हो कि यह पुल कोरोना संक्रमण से रोकने के रोकथाम के लिए स्थाई बैरियर के रूप में पिछले 2 माह से बंद था इस कारण इसमें किसी प्रकार के जान माल का नुकसान या आवाजाही या अत्यावश्यक सेवाओं के आदान-प्रदान में दिक्कत नहीं हुई.
उपरोक्त पुल लगभग 35 साल पुराना है, तथा यह उड़ीसा सरकार द्वारा बनाई गई पुल है. इस पुल कटान के कारण नागरिकों को कोई दिक्कत ना हो और ना ही किसी प्रकार की समस्या का सामना करना पड़े इसके लिए आस-पास के गांव में मुनादी करा दी गई है एवं इन क्षेत्रों में स्वयं या वाहन आदि का नदी के प्रवेश को पूर्व की भांति ही रोक लगा दी गई है.
इस क्षेत्र में स्थाई
बेरियर होने कारण पुलिस और प्रशासन की ड्यूटी भी लगी हुई है यह भी ध्यान
रखा जा रहा है कि इसमें किसी प्रकार की भूलवश आवाजाही ना हो सके.
मौके पर तहसीलदार, पुलिस, आपदा प्रबंधन की टीम ,पहुंच इससे हुई क्षति का आकलन एवं आपदा प्रबंधन के संबंध में निर्देश भी दिये. खट्टी व आसपास के ग्रामो का मूलभूत सुविधाओं के लिए कोमाखान बाजार एवं आसपास के क्षेत्र के ऊपर निर्भरता है.
साथ ही इसकी दूसरी ओर खलना ग्राम उड़ीसा का से लगे हुए खरियार रोड की बाजार पर निर्भरता है जिसके कारण यह उम्मीद की जा रही है कि लोगों को अपनी मूलभूत सुविधाएं एवं कृषि कार्यों के लिए वर्तमान में कोई दिक्कत नहीं होगी.
