कोरोना की भ्रांति को दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने ली ऑ... - CG Sandesh

कोरोना की भ्रांति को दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने ली ऑनलाइन ट्रेनिंग

जन समान्य में कोरोना वायरस के संक्रमण और कोविड-19 की बीमारी संबंधी अफवाहों को दूर कर सकारात्मक दिशा में जागरूकता प्रयास अभ्यास किए जाने हैं। इसी तारतम्य मेें आज मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में राज्य स्तरीय ऑनलाइन प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इस दौरान राज्य टीकाकरण अधिकारी डाॅ. अमर सिंह ठाकुर सहित प्रदेश के नामी विशेषज्ञों एवं सलाहकारों ने इस संबंध में अद्यतन शोध एवं उपस्थित परिस्थितियों के संदर्भ में प्रकाश डाला और प्रदेश के अन्य जिलों के साथ स्वास्थ्य विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी एवं चिकित्सकों ने अभ्यास किया। प्रशिक्षण में कोरोना वायरस के संक्रामक दौर में आमजन के समक्ष उपस्थित हो सकने वाली स्टिग्मा यानी भ्रांतियों के बारे में चर्चा हुई साथ ही लोगों को उससे निकालने और स्वास्थ्य लाभ पहुंचाने के विषय पर विस्तारपूर्वक बताया गया।

उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस के संक्रामक दौर में कोविड-19 की बीमारी को लेकर आमजन में भ्रांतियां न हो, इसके लिए भारत सरकार द्वारा यू.एप.डी.पी की सहायता से एंटी स्टिग्मा पुस्तिका तैयार की है। जिसके तहत स्वास्थ्य विभाग द्वारा जन सामान्य के समक्ष कोरोना वायरस संक्रमण एवं रोकथाम के साथ-साथ कोविड-19 की वैश्विक बीमारी से निपटने के लिए मानसिक एवं समाजिक रूप से तैयार होकर बिना भटकाव उचित दिशा में जागरूक कदम उठाए जाएंगे। इस राज्य स्तरीय ऑनलाइन उन्मुखीकरण प्रशिक्षण में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकार डाॅ एसपी वारे सहित जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. अरविंद गुप्ता, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री संदीप ताम्रकार, आरएमएनसीएचए सलाहकार (शिशु स्वास्थ्य) डॉ. मुकुंद राव घोडेसवार, जिला मितानिन समन्वयक श्रीमती जागृति बरेठ सहित टीकाकरण एवं भंडारण शाखा के स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक आगामी समय इसके लिए प्रशिक्षण विकासखण्ड स्तर के चिकित्सा अधिकारियों, बी.ई.टी.ओ., विकासखण्ड कार्यक्रम प्रबंधकों, कोल्डचेनहेन्डलर, एएनएम एवं मितानिन आदि संलग्न स्वास्थ्यकर्मियों को भी प्रदाय किया जाएगा।

भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर

पीजी पोर्टल में शिकायत के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय, जाँच प्रणाली में सुधार की आवश्यकता, आजादी के 79 साल बाद भी शिकायत के जाँच में स्वतंत्रता नही.


अन्य सम्बंधित खबरें