ट्रू-नाॅट परीक्षण में परखे गए 395, नहीं मिला एक भी धनात्मक प्रकरण
हाल ही में जिले में आरंभ हुई कोरोना जांच की सुविधा के
साथ ही अब हर घंटे तेज गति से परिणाम प्राप्त होने का सिलसिला भी शुरू हो
गया है। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार आज तक जिले के अलग-अलग
विकासखण्डों से कोरोना संक्रमण के संदिग्ध मरीजों के कुल 395 नमूने लेकर
जिला स्तरीय कोविड लैब में ही जांचे और परखे गए। पायथोलाॅजिस्ट डाॅ. विपिन
बिहारी अग्रवाल ने बताया कि विकासखण्डवार आंकलन अनुसार महासमुंद से 137,
बागबाहरा से 95, पिथौरा से 24, बसना से 69 और सरायपाली से 70 नमूनों का
परीक्षण हो चुका है। जिनमें से सभी के परिणाम ऋणात्मक मिले हैं।
दूसरी
ओर कलेक्टर कार्तिकेया गोयल के निर्देषानुसार मुख्य कार्यपालन
अधिकारी डाॅ. रवि मित्तल के मार्गदर्षन में बनी इस जिला स्तरीय कोरोना लैब
में हो रही सफलतापूर्वक जांच को देखते हुए राज्य का अमला इसकी परीक्षण
क्षमता को और अधिक बढ़ाने की तैयारी में है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य
अधिकारी डाॅ. एस.पी. वारे के अनुसार जल्द ही कोरोना जांच के लिए जिले को एक
और ट्रू-नाॅट मशीन उपलब्ध हो जाने के आसार नजर आ रहे है।
पूलिंग से बढ़ी तीन गुना रफ्तार
कोरोना
वायरस नियंत्रण एवं रोकथाम दल के जिला नोडल अधिकारी डाॅ. अनिरुद्ध कसार ने
बताया कि जिला स्तरीय कोरोना जांच लैब को पूलिंग की पद्धति से परीक्षण की
अनुमति भी मिल गई है। यह तीन गुना समय की बचत कर और भी तेज गति से परिणाम
उपलब्ध कराती है। दरअसल, इसमें एक साथ तीन संदिग्ध मरीजों के नमूने जांचे
जा सकते हैं। परिणाम ऋणात्मक मिले तो तीनों नमूने ऋणात्मक होंगे, किंतु यदि
धनात्मक प्रकरण प्राप्त हुआ तो तीनों नमूनो का पृथक रूप से चिन्हांकन कर
बारी-बारी पुनः जांच एवं परीक्षण कर धनात्मक प्रकरण का पता लगाया जाता है।
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