जिला महासमुन्द मे धान संग्रहण केन्द्रों में चबुतरा निर्माण से धान खराब होने की समस्या से मिलेगा निजात
जिला पंचायत महासमुन्द अंतर्गत किसानों कि खून, पसीने की कमाई से उपजा धान को भीगने से बचाने के लिए प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति के धान खरीदी केन्द्रो मे महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारण्टी योजना के तहत 445 चबूतरों के लिए 25-25 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है।
पक्का चबूतरा निर्माण के आभाव के कारण खरीदी केन्द्रों मे धान के रख-रखाव मे आ रहे दिक्कत, बारीश मे धान का भीग जाना, नीचे जमीन मे रखने से नीचे का लेयर खाराब हो जाना इन सभी समस्याओं से निजात मिलेगी। पक्का चबूतरा निर्माण हो जाने से हर मौसम मे धान को सुरक्षित व व्यवस्थित रुप से रखा जा सकता है। राज्य शासन हमेशा से गरीबो और किसानों की हित की बात करते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री भुपेश बघेल गरीबों और किसानो को कैसे सक्षम और सफल बनाया जाय, हमेशा यही सोचते रहते है।
उन्ही कि सोच का नतीजा है की इस कोरोना महामारी के सक्रमण दौर व विषम परिस्थिति मे भी प्रदेश के गरीबों को अन्य प्रदेश की तुलना मे सबसे ज्यादा मनरेगा मे रोजगार प्रदान किया गया जिसमें जिला महासमुन्द से एक लाख पचास हजार से अधिक श्रमिकों को रोजगार दिया गया। इसी प्रकार प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री भुपेश बघेल जी के दूरदर्शिता का नतीजा है, कि जिला महासमुन्द मे 92 से अधिक चबूतरा पूर्ण हो चुके है, तथा शेष पूर्ण होने की कगार पर है। इन्ही कार्य को प्रगति देते हुए विकासखण्ड बसना के ग्राम पंचायत मेढ़ापाली के सरपंच श्री मेघनाथ पटेल, और तकनीकी सहायक ज्योति चौधरी द्वारा इस कार्य को गंभीरता से लेते हुए चबूतरा निर्माण का कार्य पूर्ण करा लिया गया।