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प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में जिला खनिज संस्थान न्यास शासी परिषद की बैठक, कवासी लखमा वीडियों काॅन्फ्रेसिंग के जरिए हुए बैठक में शामिल

सुपोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य के साथ गोधन न्याय योजना और कोविड-19 के कामों को  प्रथम प्राथमिकता दें:  प्रभारी लखमा

वार्षिक कार्य योजना के प्रस्तावों का अनुमोदन

प्रभारी मंत्री एवं जिला खनिज संस्थान न्यास के अध्यक्ष  कवासी लखमा ने आज राजधानी रायपुर से वीडियों काॅफ्रेसिंग के जरिए शासी परिषद की बैठक ली। कलेक्टर  कार्तिकेया गोयल  जिले के विकास के लिए विभागवार तैयार की गई कार्ययोजना एवं नियमों में नवीन संशोधन के बारें में पावर प्वाईंट पे्रजंेटंशन के जरिए परिषद के सदस्यों को जानकारी दी। बाद में विभागवार वार्षिक कार्य योजना के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। बैठक में वर्ष 2015-16 से लेकर 2018-19 तक की जिला खनिज न्यास संस्थान की आडिट रिपोर्ट एवं 2015-16 से लेकर  2019-20 तक के वार्षिक कार्य योजनाओं का भी अनुमोदन हुआ । चालू वित्तीय वर्ष 2020-21 की यह पहली बैठक थी । बैठक में न्यास के सदस्य जिले के चारों विधायक सर्व विनोद चन्द्राकर, द्वारिकाधीश यादव, देवेन्द्र बहादुर सिंह और किस्मत लाल नंद और जिला प्रभारी मंत्री द्वारा नामांकित सदस्य, मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. रवि मित्तल, पुलिस अधीक्षक  प्रफुल्ल कुमार ठाकुर एवं वनमण्डलाधिकारी  मयंक पाण्डेय सहित शासी परिषद के अधिकारीगण उपस्थित थे।

जिला खनिज न्यास के अध्यक्ष  कवासी लखमा ने प्रस्तावित कार्य योजना को जिले के चहुंमुखी विकास बताया। उन्होनंे प्रजेंटेंशन कार्य योजना की सराहना की और कहा कि खनन प्रभावित गांवों के सरपंचों से लेकर जिले के मंत्री और विधायकों सहित जनप्रतिनिधियों के विकास कार्य प्रस्ताव का भी ख्याल रखा गया है। उन्होंने कहा कि खनिज न्यास की राशि खनन से प्रभावित लोगों के अलावा क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य,महिला बाल विकास के जनहित के कामों  के साथ महत्वपूर्ण पहल साबित होगी।

मंत्री  कवासी लखमा ने कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप शिक्षा, स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास के कार्य आंगनबाड़ी, सुपोषण के अलावा गोधन न्याय योजना, कोरोना कोविड-19 की रोकथाम एवं नियंत्रण के कामों को प्रथम प्राथमिकता बताया। उन्होंने गोठाानों को ग्रामीणों की आजीविका के सशक्त माध्यम के रूप में विकसित करने पर बल दिया। बैठक में मंजूर हुए सभी प्रस्तावों के क्रियान्वयान के साथ-साथ समुचित निगरानी कर सुनिश्चित ढंग से समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होेंने अधूरे कामों को भी जल्द पूरा करने कहा।

कलेक्टर  गोयल ने बैठक में वर्ष 16-17 के कामों की प्रगति का ब्यौरा देते हुए बताया कि 288 काम पूरे हो गये। एक भी काम शेष नहीं है। वर्ष 17-18 के सिर्फ दो काम लंबित होने की बात की, जिसे पूरा कर लिया जायेगा। इसके अलावा 18-19 के 66 कार्य पूर्ण होने की बात बतायी। इसके अलावा वर्ष 19-20 के सात काम प्रगतिरत् तथा एक काम पूर्ण होने से अवगत कराया।

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