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गोठान में गोबर खरीदी में कमी पाए जाने पर नोटिस जारी, गोबर खरीदी में वृद्धि नही होने पर होगी निलम्बन की कार्यवाही.

छत्तीसगढ़ में गोधन न्याय योजना का शुरुवात हो चुका है, प्रदेश में गोबर खरीदी को लेकर घमासान मचा हुआ है. इस योजना को लेकर भाजपा के लोग छत्तीसगढ़ में चुटकी लेते हुए कहा जा रहा है कि क्या पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह को चाउर वाले बाबा के नाम से जाना जाता था, तो क्या अब छत्तीसगढ़ के वर्तमान मुख्यमंत्री को गोबर वाले बाबा के नाम से पुकार सकते है.

इधर छत्तीसगढ़ सरकार ने गोधन न्याय में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों को स्पष्ट आदेस जारी किया है. जिसके अनुसार गोधन न्याय योजना में लापरवाही नही चलेगी.

ऐसे ही मामला आज महासमुन्द जिले में देखने मिल रहा है जहाँ बागबाहरा के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी विकासखण्ड बागबाहरा को नोटिस जारी किया गया है.

जारी नोटिस में बताया गया है कि गोधन न्याय योजना अंतर्गत चयनित प्रत्येक गोठानो में गोबर खरीदी गोठान समिति के माध्यम से शासन के निर्धारित दर 2 रु प्रति किलो पर क्रय करना है. बागबाहरा विकास खण्ड की अद्यतन प्रगति बहुत कम है जिस कारण जिला कलेक्टर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जीला पँचायत महासमुन्द द्वारा अत्यंत अप्रसन्नता व्यक्त किया है जिसके कारण कृषि विकास अधिकारी महासमुंद डी आर चंद्राकर को कारण बताओ सूचना जारी किया गया है, शासन की महती योजना गोधन न्याय योजना में प्रगति इतनी कम क्यो है 2 दिनों में कारण बताओ सूचना का उत्तर प्रस्तुत करने कहा गया है.

साथ ही निर्देश दिया गया है कि गोधन न्याय योजना में प्रत्येक गोठान में गोबर खरीदी में तत्काल वृद्धि सुनिश्चित करें .प्रगति कम होने की स्तिथि में 2  वेतन वेतन वृद्धि रोकने की कार्यवाही की जाएगी. जिसके लिए अधिकारी स्वयं जिम्मेदार होंगे. इतना ही नही इसके बाद भी गोबर खरीफ में प्रगति नही हुआ तो सम्बन्धित ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एवं वरिष्ठ अधिकारी के विरुद्ध निलंबन की कार्यवाही भी होगी. जिसके जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी स्वयं होंगे.

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