कोरोना मरीज के ठीक और कन्टेनमेंन जोन से मुक्त होने के बाद भी मजदुर नही जा पा रहे हैं घर, स्कूल में सांपो के डर से रात को नही आती है नींद...
बसना के केवटापाली गाँव के क्वारंटाइन सेंटर में 10 जून को करीब 20 मजदुर आये थे, जिनमे से 2 लोगों का सेम्पल 23 जून को लिया गया था, इसमें से एक व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव पाया गया जिसके चलते उसे इलाज के लिए भेज दिया गया था और गाँव को कन्टेंनमेंट जोन घोषित किया गया.
इसके बाद 27 जून को क्वारंटाइन सेंटर में रह रहे सभी मजदूरों का सेम्पल लिया गया. लेकिन उसमे से एक मजदुर के रिपोर्ट नहीं आने के कारण अब तक सभी को क्वारंटाइन सेंटर में ही रहना पड़ रहा है. बताया गया कि एक मरीज का रिपोर्ट नहीं आने के कारण दोबारा उस मरीज का सेम्पल लिया गया. उसके बाद भी 10 दिन से अधिक हो गए, जिला कलेक्टर द्वारा उक्त गांव केवटापाली को कन्टेन्मेन्ट जोन से मुक्त कर दिया गया है. लेकिन मजदूर अब तक अपने घर नहीं पहुँच पाए है.
मजदूरों ने बताया कि लगभग लगभग 2 माह होने को है जब इस गांव में कोरोना मरीज मिला था. वह भी बहुत दिन पहले ठीक होकर घर जा चुका है. लेकिन हम लोगो का रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद भी नही छोड़ा जा रहा है. मजदूरों का कहना है कि बरसात का दिन आ चुका है और स्कूल में जमीनों पर सोना पड़ रहा है बताया गया कि स्कूल के चारो और घास उग चुके है. रात्रि में विषैले जीव जंतु निकलते रहते है. उन्हें रात भर नींद नही आता है कहीं कोई साँप आकर डंस ना ले.
मजदूरों ने बताया कि इस संबंध में एसडीएम सरायपाली कुणाल दूतावास के साथ कई उच्च अधिकारियों को बोला गया है लेकिन जल्द ही छोड़ने की आश्वाशन और दिखवाने की बात ही कही जाती है. मजदूरो का कहना है कि अब तो गांव कन्टेन्मेन्ट जोन से भी मुक्त हो गया है. लेकिन हमें मुक्ति नही मिली.