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कोरोना का डर, गांवों में पुनः नाकेबंदी शुरू, इमरजेंसी सेवाओं को छूट दी जायेगी. मास्क ,सेनिटाइजर,भीड़ नही करने का पालन करनी होगी.

महासमुन्द जिले में वैश्विक महामारी कोविड-19 की रफ्तार में गुरुवार को लाक डाउन के छट्वे दिन बसना विखं में आज फिर 01 धनात्मक मरीज दर्ज की गई , वहीं गांवों में कोविड 19 से बचाव हेतु मुनादी कराते हुए बंसुला और बंसुला डीपा के ग्रामीण प्रवेश द्वार पर पेड़ों की शाखा रखकर नाकेबंदी करने शुरू कर दिए हैं।

पिछले मार्च महीने में गांव गांव में लॉकडाउन करते हुए कोरोंना के बचाव हेतु मुख्य प्रवेश द्वारों पर बेरिकेट लगाकर बाहर के व्यक्तियों को प्रवेश नही दे रहे थे अपने रिश्तेदार को गांव में मेहमान रुकने की भी मनाही थी साथ में धार्मिक,परिवारिक शादी,अंत्येष्टि की भी पाबंदी लगा दी थी ।जिसके कारण गांव में कोरोना पैर पसार नही पाया था।

कलेक्टर कार्तिकेय गोयल ने बताया कि जिले में गुरुवार को कोविड-19 के रोगियों की संख्या दो रही। सक्रिय रोगियों का मेडिकल कॉलेज एम्स ,मेकाहारा,बलौदाबाजार में उपचार जारी है।

गांव में नाकेबन्दी

जिले के विभिन्न गांव के सड़कों में प्रवेश द्वार पर पुनः बैरिकेडिंग करने हेतु ग्रामीण विचार कर रहे हैं बंसुला और बंसुला डीपा के ग्रामीणों की सतर्कता का इससे अद्धभुत परिचय मिलता है।समय समय में गांव में सेनिटाइजिंग भी कराई जाएगी

बंसुला सहित जिले के कई गांव में आने वाले समय में ऐसा नजारा नजर पुनः आ सकता है गांव के डोंगरी जटिल पहुंच मुख्य मार्ग में गाँवों को पेड़ की विशालकाय शाखा द्वारा ग्रामीणों ने नाकेबंदी करने का विचार किया जा रहा है। ऐसा कोविड-19 को गांव से बाहर रखने के लिए किया जाने वाला है।

लेकिन एमरजेंसी और आपातकालीन सेवाओं को गांव में कभी रोका नही जायेगा। मैदान को भी लाक डाउन अवधि तक आगामी आदेश तक प्रतिबंधित किया गया है।

बंसुला डीपा में ब्रजेश साहू,रुपानंद साव ,सहस साहू,टिकेश्वर साहू,धनेश कुमार साव, टीकम भोई,सदानंद भोई,रूपधर साव आदि युवा उपस्थित थे।


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