महासमुंद : विकास कार्यां में रूचि नहीं लेने वाले सरपंच एवं सचिवों के विरुद्ध होगी कार्रवाई - कलेक्टर
कलेक्टर ने सभी जनपद सीईओ को मनरेगा के तहत अधिक से अधिक मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए मानव दिवस बढ़ाने के निर्देश दिए है। वर्तमान में 526 ग्राम पंचायतों में लगभग 36 हजार मजदूर कार्यरत हैं, जिसे और बढ़ाने पर जोर दिया गया। साथ ही गांव-गांव में कचरा संग्रहण की शुरुआत करने के निर्देश दिए। विशेषकर राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे बसे गांवों को मॉडल विलेज के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही नगरीय निकायों के सीएमओ को नियमित साफ-सफाई एवं कचरा संग्रहण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में संपूर्णता अभियान के अंतर्गत सभी संकेतकों को पूर्ण करने पर भी जोर दिया गया तथा ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को शिविरों में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए। आगामी जनगणना को ध्यान में रखते हुए जनगणना प्रशिक्षण को गंभीरता से लेने के लिए अधिकारियों को कहा गया। कलेक्टर ने विभिन्न विकास प्राधिकरणों में लंबित कार्यों में रुचि नहीं लेने वाले सरपंच एवं सचिवों पर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की चेतावनी दी गई। कलेक्टर ने ड्रग्स, खाद्य, स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग को नशे के विरुद्ध सतत कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने जल संचयन भागीदारी 2.0 योजनांतर्गत शासकीय कार्यालयों, स्कूलों, आंगनवाड़ी केन्द्रों में सोख्ता गड्ढा सहित जल संचयन के लिए विशेष पहल करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि मनरेगा अंतर्गत जल संचयन के कार्य को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने खनिज एवं रेत के अवैध परिवहन एवं भंडारण पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा कलेक्टर ने आधार कार्ड, वय वंदन योजना तथा आयुष्मान कार्ड की प्रगति की समीक्षा करते हुए लक्ष्यों की प्राप्ति में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने पीएम जनमन, मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जन चौपाल, समय-सीमा पत्रक और राजस्व प्रकरणों, लोक सेवा गारंटी की समीक्षा करते हुए गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही अन्य विभागों से संबंधित पत्रों एवं लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।