पहले से ही कई बीमारियों से ग्रसित होने के चलते हो रही कोविड ... - CG Sandesh

पहले से ही कई बीमारियों से ग्रसित होने के चलते हो रही कोविड से अधिक मृत्यु


विश्लेषणः- अनियमित रक्तचाप-मधुमेह, लिवर, किडनी, हृदय या कैंसर आदि से जूझ रहे मरीजों में कोविड-19 की बीमारी में मौत का खतरा अधिक।

”गुरूवार को जिले में कोविड-19 के तीन ऐसे प्रकरण सामने आए, जिनमें से दो मरीजों को पहले से ही हृदय विकार की समस्या थी और तीसरा भी पहले से ही किडनी और लिवर की परेशानी से जूझ रहा था, राजधानी में चल रहे उपचार के दौरान इनकी मृत्यु हो गई। तत्संबंध में समीक्षा कर स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी की गई एडवाइजरी”

महासमुंद। कोविड-19 की वैश्विक बीमारी के संक्रामक दौर में गुरूवार छह अगस्त 2020 का दिन अपेक्षाकृत कठिन रहा। दरअसल, विगत दिनों स्वास्थ्य संबंधी अन्य कई तरह की बीमारियों से पीड़ित जिले के तीन मरीजों की राजधानी रायपुर के चिकित्सालयों में उपचार के दौरान मौत हो गई। इस दौरान उनके कोविड-19 के धनात्मक होने की बात भी सामने आई। प्रकरणों को संज्ञान में लेते हुए कलेक्टर की अध्यक्षता में शुक्रवार सात अगस्त 2020 को जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आहूत की गई। जिसमें मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. एस.पी. वारे, सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डाॅ. आर.के. परदल, जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री संदीप ताम्रकार, डिस्ट्रिक्ट सर्विलेंस ऑफिसर डाॅ. छत्रपाल चंद्राकर, सहित उच्च स्तरीय अनुभवी चिकित्सकों और सलाहकारों ने समीक्षा की। बैठक में जिला ही नहीं अपितु वैश्विक स्तर पर आंकड़े खंगाले गए और पाया गया कि कोविड-19 की बीमारी से अधिकांशतः उन्हीं प्रकरणों में मृत्यु हुई है, जिनमें पीड़ित पहले से ही अन्य स्वास्थ्य समस्याओं में लिवर, किडनी, अनियमित रक्तचाप, मधुमेह, कैंसर या लकवा आदि जैसी बीमारियों से ग्रसित मिले।

विश्लेषण करने के बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से एडवाइजरी जारी करते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. एस.पी. वारे ने बताया कि आमजन को कोविड-19 की महामारी से डरने की जरूरत नहीं है, बल्कि हमें को चाहिए कि स्वयं के साथ अपने परिजनों और आस-पड़ोस के लोगों को भी सुरक्षित रखने के लिए किए जाने वाले सावधानी उपायांे पर अनिवार्य रूप से अमल करें। विशेषतौर पर पचपन वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों और पहले से बीमार व्यक्तियों के अधिक सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

गुरूवार 06 अगस्त 2020 के प्रकरणों पर एक नजर...

केस वनः-
प्रकरण, ग्राम पोटापारा, विकासखण्ड पिथौरा के पचपन वर्षीय पुरुष का है, जिन्हें 02 अगस्त 2020 को अखिल भारतीय आर्युविज्ञान संस्थान रायपुर में उपचार के लिए भर्ती कराया गया था। कोविड-19 के धनात्मक पाए गए थे। पहले से ही हृदय की विकार से ग्रसित थे, उपचार के दौरान इन्हें एक से अधिक बार हृदय घात आने के बाद स्थिति और भी गंभीर हो गई। चिकित्कीय उपबंधों के बाद भी उन्हें बचाया नहीं जा सका।

केस टूः-
दूसरे मामले में, सरायपाली के बयासी वर्षीय बुजुर्ग की मृत्यु हुई। येे भी कोविड-19 के धनात्मक प्रकरणों में थे, किंतु इन्हें भी हृदय संबंधी विकार रहे, पूर्व में एक बार हार्ट अटैक आया था, लंबे अरसे तक उपचार भी चला था। इसी कड़ी में स्वास्थ्य लाभ लेने के लिए हाल ही में उन्हें रायपुर के एक निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान मौत हो गई। यहां, उम्र के अधिक होने के साथ-साथ पुरानी बीमारी भारी पड़ी।

केस थ्रीः-
ग्राम घुटेली, विकासखण्ड बसना का बत्तीस वर्षीय युवक एक अगस्त 2020 को जिला चिकित्सालय में बतौर सामान्य मरीज भर्ती किया गया, तब लंबे समय से एल्कोहलिक होने की बात सामने आई। परिचितों के मुताबिक किडनी और लिवर दोनों पहले ही कमजोर हो चुके थे, जिसका पूर्व में भी उपचार चलता रहा था। मेकाहारा रिफर होने के बाद कोविड-19 से धनात्मक होेने की पुष्टि हुई, चिकित्सकीय प्रबंध के बाद भी नहीं बचाया जा सका।

डी.एस.ओ. डाॅ. छत्रपाल चंद्राकर ने अपील कर कहा- घबराएं नहीं, अपनाएं ये सुरक्षा उपाए

- घर से बाहर निकलते ही फेस मास्क लगाएं, वापस आने पर यहां-वहां न फेंके, साफ कर सुरक्षित करें या बदल दें।
- समय-समय पर साबुन से हांथ धोते रहें, साबुन उपलब्ध न हो तो सैनिटाइजर से साफ कर लें।
- एक-दूसरे से मिलते समय सोशल डिस्टेंसिंग यानी कम से कम एक से दो मीटर की दूरी अनिवार्य रूप से बनाए रखें।
- सर्दी-खांसी या बुखार जैसी कोई भी समस्या हो तो तत्काल जिला चिकित्सालय या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आ कर निशुल्क जांच कराएं या टोल फ्री नंबर 104 पर संपर्क करें।

जिला के साथ राज्य स्तर पर भी मिल रही पूरी सुविधा

सिविल सर्जन डाॅ. परदल ने बताया कि जिले के मरीजों के लिए प्रदेश स्तर पर भी कोविड-19 उपचार की स्वास्थ्य सेवाएं निशुल्क प्रदाय की जा रही हैं। पाॅजिटिव प्रकरणों में मरीज चाहें तो राजधानी के जा कर भी उपचार कर सकते हैं। निजी चिकित्सालयों में रामकृष्ण केयर अस्पताल, वी.वाई. हाॅस्पिटल, बालको एवं एम.एम.आई., बालाजी, एवं नारायणा हाॅस्पिटल सहित अपोलो अस्पताल बिलासपुर में भी ये सुविधाएं उपलब्ध हैं। किंतु, निजी क्षेत्र में एम्बुलेंस से लेकर उपचार आदि का पूरा खर्चा मरीज को स्वयं के व्यय पर उठाना पड़ेगो। दोनों की परिस्थितियों में डिस्चार्ज होेने के बाद मरीजों को जिला स्तरीय कोविड केयर के अमले को सूचित करना अनिवार्य होगा।






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