जयहिन्द काॅलेज ने कोविड केयर के लिए भवन और परिसर निशुल्क उपल... - CG Sandesh

जयहिन्द काॅलेज ने कोविड केयर के लिए भवन और परिसर निशुल्क उपलब्ध करा कर निभाया मानवता का फर्ज

महासमुंद। कोविड-19 की संक्रामक महामारी के दौर में शहर की कुछ जागरूक हस्तियां ऐसी भी हैं जो जनहित में मानवता की मिसाल पेश कर निःस्वार्थ भाव से बैक-अप सपोर्ट प्रदान करने के लिए आगे आ रही हैं। जयहिंद काॅलेज के संचालक श्री सौरभ बाफना ने ऐसा ही अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) श्री कुणाल दुदावत और सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डाॅ. आर.के. परदल से मिल कर अपने पिता श्री मोतीचंद्र बाफना सहित स्वयं की मंशा व्यक्त करते हुए अपने काॅलेज का भवन और परिसर कोविड केयर सेंटर के लिए निशर्त एवं निशुल्क भवन और परिसर उपलब्ध कराने की बात रखी। अधिकारी भी श्री बाफना के विचारों से प्रभावित हुए।

इसी कड़ी में आठ अगस्त 2020 को श्री बाफना ने कलेक्टर श्री कार्तिकेया गोयल के समक्ष उपस्थित हो कर दस्तावेजीकरण की प्रक्रिया पूर्ण की गई। कलेक्टर श्री गोयल ने भी उनके इस अनुकरणीय कार्य की सराहना करते हुए इसे मानवीय संवेदनाओं का परिचय बताया और संस्थान के प्रति आभार व्यक्त किया।


अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक जयहिन्द काॅलेज का परिसर और भवन कोविड-19 से पीड़ित मरीजों के उपचार में बहुत ही उपयोगी साबित होगा। क्यों कि इस ओर राज्य शासन से मिले निर्देशानुसार जिले में छह सौ बिस्तरों वाले कोविड केयर सेंटर की व्यवस्था की जानी है। यद्यपि, वर्तमान परिस्थितियों में आवश्यकतानुरूप जिला स्तर पर संचालित कोविड केयर सेंटर में दो सौ चालीस बिस्तरों की पहले से ही व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं। अपितु, भविष्य में यदि अपरिहार्य कारणों से इससे अधिक बिस्तरों की जरूरत हुई तो जयहिंद काॅलेज का भवन इस कार्य के लिए उपयोग में लाया जा सकेगा। सुरक्षात्मक दृष्टिकोंण से भवन की तिमंजिला इमारत और अलग-अलग ब्लाॅक में बनाए गए चैम्बर्स व दर्जनों वृहद कक्षों में वांछित व्यवस्थाएं एवं प्रबंध जल्द ही पूरे कर लिए जाएंगे। वहीं, काॅलेज के साफ-सुथरे कमरों, मैस, वाशरूम इत्यादि की सेवा सुविधाओं के कारण इसे कम से कम समय में तैयार कर लिया जाएगा।

सोचनीय है कि इस ओर जहां, कोविड केयर के लिए जिले में अब तक कई ऐसे मामले आए जहां, सुविधा उपलब्ध कराने के लिए लोगों ने अपने भवन तो उपलब्ध कराए, लेकिन वहां उपयोगकर्ता को शुल्क अदा करने की बाध्यता रही। इधर, जिले का यह पहला ऐसा उदाहरण हैं जहां, दस एकड़ में फैले विशाल काॅलेज परिसर और पचास हजार स्क्वायर फीट में बने भवन को बिना किसी भुगतान आदायगी के जनहित में निशुल्क उपलब्ध करा गया है। ऐसे में, स्वस्फूर्त हो कर समाज सेवा के लिए उभर कर सामने आए श्री बाफना की पहल निसंदेह प्रशंसनीय है।

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