ओम नारायण शर्मा ने लिया वेबीनार में हिस्सा  - CG Sandesh

ओम नारायण शर्मा ने लिया वेबीनार में हिस्सा

महासमुन्द, मुख्यमंत्रीजी की स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में की गयी घोषणा के परिणामस्वरूप राज्य के कुछ उत्साही प्रोफेशनल लर्निंग कम्युनिटी के सदस्यों में स्व-स्फूर्त होकर एक वेबीनार का आयोजन किया | इसमें सुकमा से लेकर सुरगुजा अंचल के पीएलसी के सक्रिय सदस्य शामिल हुए | बस्तर के गणेश तिवारी नें अपने पीएलसी के माध्यम से बच्चों को स्थानीय भाषा से हिंगी सिखाने पर अपने टीम की ओर से अपनी बात रखी | सुकमा में वर्क्शीट्स के माध्यम से स्थानीय परिस्थितियों का उल्लेख किया गया | दंतेवाडा के दादा जोकाल ने वहां के स्थानीय भाषा के जानकार शिक्षकों द्वारा अन्य शिक्षकों को जिन्हें बच्चों की भाषा नहीं आती, उनके साथ एक दूसरे के सहयोग से मिलकर भाषा सीखने के बारे में जानकारी साझा की गयी | 

बालोद से श्री खुरश्याम ने श्रुतलेखन के तकनीकों पर चर्चा की | सरगुजा की प्रमिला तिवारी ने कपडे का पॉकेट बोर्ड कैसे बनाना है, उसकी जानकारी दी | दुर्ग जिले के श्री सुरेन्द्र पांडे ने बिग बुक से कहानी कैसी लिखनी हैं , इसकी जानकारी दी और बिग बुक बनाने एवं उसके उपयोग के तरीकों पर चर्चा की | रायगढ़ के श्री रूद्र ने कविता के माध्यम से भाषा शिक्षण को अपनी कक्षा में स्वयं करके दिखाया | कोरबा के श्री दिलकेश मधुकर ने वर्तमान में उपलब्ध विभिन्न प्रकार के एप्प की जानकारी दी जिनके माध्यम से सीखने को रुचिकर और आसान बनाया जा सकता है |

महासमुंद के  ओम शर्मा ने बच्चों के पढने का आकलन कर उन्हें विभिन्न समूहों में बांटकर उनके साथ अलग अलग रणनीति के साथ कैसे सिखाया जाना है, इस पर अच्छी जानकारी दी | जशपुर के सत्यानन्द ने माताओं को जोड़ते हुए घरों में कैसे प्रिंट रिच वातावरण बनाकर बच्चों को पढ़ना सिखाया जा सकता हैं इसका प्रत्यक्ष उदाहरण दिया | सभी से यह अपील की गयी कि उनके आसपास बेहतर कार्य कर रहे शिक्षकों एवं विद्यार्थ्यों की जानकारी हमारे नायक के लिए उपलब्ध करवाएं | कार्यक्रम में राजनांदगांव में कालेज में पढने वाली छात्रा आरती वर्मा द्वारा अपने छोटी कक्षाओं के बच्चों को सिखाने के अनुभव एवं उससे प्राप्त सुख का वर्णन किया | सभी पीएलसी को अपनी पढाई तुहार पारा, लाउडस्पीकर स्कूल के अध्ययन अध्यापन के फोटोग्राफ और वीडियो को वेबसाईट में साझा करने का अनुरोध किया गया |

अंत में सभी पीएलसी ने यह तय किया कि वे अपने अपने पीएलसी के स्तर पर बैठक लेकर आठ सितंबर तक वाचन अभियान के दूसरे चरण को पूरा करेंगे एवं प्रत्येक बच्चे को पढ़ना आ जाए, इस दिशा में मिलकर कुछ ठोस योजना के साथ मिलकर कार्य करेंगे | 

सबसे अच्छी बात यह रही कि इस पूरे कार्यक्रम का संचालन हमारे पीएलसी के नेतृत्व में किया जा रहा है | छत्तीसगढ़ में वर्तमान में पांच हजार से अधिक पीएलसी कार्यरत हैं | इस वेबीनार को पच्चीस हजार से अधिक शिक्षकों, पालकों एवं समुदाय से शिक्षा में सहयोग कर रहे कार्यकर्ताओं ने भाग लिया | पिछले व्बीनार “मुमकिन हैं भाग एक ”को चालीस हजार से अधिक लोगों नें देखा है |

भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर

पीजी पोर्टल में शिकायत के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय, जाँच प्रणाली में सुधार की आवश्यकता, आजादी के 79 साल बाद भी शिकायत के जाँच में स्वतंत्रता नही.


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