नियमित बारिश के दिनों में सर्दी-बुखार को मौसमी फ्लू समझ कर कोविड को न करें नजर अंदाज
महासमुंद। बारिश का मौसम भले ही सुहाना लगता है, लेकिन बीमारियों के संक्रमण के लिए यही मौसम सबसे माकूल होता है और इन दिनों कोविड-19 महामारी के संक्रामक दौर में नियमित रूप से हो रही बारिश के साथ जरा सी असावधानी भी अधिक नुकसानदेह साबित हो सकती है। जिसके मद्देजर जिला प्रशासन से प्राप्त निर्देशानुसार फीवर क्लीनिक में कोविड-19 की जांच और आमजन में सावधानी बढ़ाने के लिए जिला स्वास्थ्य ने प्रयास तेज कर दिए हैं।
विभागीय सूत्रों के मुताबिक इन दिनों नियमित बारिश के साथ, सर्दी एवं बुखार सहित अन्य बीमारियों के मामलों में वृद्धि होने की संभावना है। इस दौरान सर्दी एवं बुखार जैसे अन्य लक्षणों के साथ इस तरह के मामलों को लापरवाही पूर्वक मौसमी फ्लू के रूप में नहीं माना जा सकता। ऐसे में, सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डाॅ. आर.के. परदल ने तत्संबंध में आमजन की ओर क्या करना है और क्या नहीं की स्वास्थ्य एडवाइजारी जारी करते हुए अपील की है कि जिन्हें भी सर्दी, खांसी या बुखार जैसे लक्षण प्रतीत हों, वे जिला चिकित्सालय परिसर से लगे फीवर क्लीनिक में आकर स्वास्थ्य जांच कराएं। यहां, जांच, परामर्श एवं आवश्यक दवा वितरण की सेवा सुविधाएं निशुल्क प्रदाय की जा रही हैं। जरूरत होने पर अनुभवी चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की देख-रेख में संक्रमण परख के लिए नमूना जांच की भी सुरक्षित व्यवस्था है। परीक्षण के लिए रैपिड एंटीजन टेस्ट वाली त्वरित जांच में मात्र 15 मिनट में यह पता लगाया जा सकता है कि संक्रमण है या नहीं। साथ ही इस जांच में कोई खास तकलीफ भी नहीं होती। ऐसे में, कोविड-19 की महामारी की रोकथाम के साथ-साथ स्वयं एवं अपने परिवार को स्वस्थ्य एवं सुरक्षित रखने के लिए फीवर क्लीनिक में आकर स्वास्थ्य लाभ लें।
निजी चिकित्सालयों को भी विशेष ध्यान रखने के निर्देश
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. एस.पी. वारे ने सभी निजी चिकित्सालयों को निर्देश जारी किए हैं कि उनके यहां आने वाले सर्दी, खांसी, बुखार के मरीजों को नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रिफर करें। प्रत्येक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भी कोविड-19 संक्रमण जांच की उपलब्धता है। साथ ही उन्होंने फीवर क्लीनिक सेवाओं में विशेष ध्यान देने और निजी चिकित्सालयों में भी यही सावधानी बरते जाने पर ज़ोर दिया है। ताकि, बारिश के मौसम में कोविड-19 के संक्रमणीय खतरे को समय रहते पहचान कर यथाशीध्र उपचारित एवं नियंत्रित किया जा सके। इसके लिए विभागीय अधिकारी, डिस्ट्रिक्ट सविर्लेंस ऑफिसर सहित आई.एम.ए. की स्थानीय इकाई सर्दी-बुखार के क्लीनिकों की गतिविधयों की समीक्षा कर नैदानिकी यानी उपचार सेवा प्रदाताओं को सलाह देते रहेंगे।