शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव ने बागबाहरा विकासखण्ड के स्कूलों का किया निरीक्षण, बच्चों की प्रतिभा को देखकर अभिभूत हुए शिक्षा सचिव
जिले में चल रहे ऑनलाइन अध्यापन गतिविधियों का लिया जायजा
डाॅ. शुक्ला को धरमपुर के शिक्षकों एवं ग्रामीणों ने बताया कि यहां तीन मोहल्लें में कक्षाएॅ संचालित की जा रही हैं। जहां शिक्षकों एवं समुदाय के लोगों द्वारा भी बच्चों को पढ़ाया जाता हैं। गाॅव में बच्चों के लिए सामुदायिक भवन में संग्रहालय एवं बाल पुस्तकालय भी बनाए गए हैं। जिसमें विभिन्न प्रकार की पुस्तकों के अलावा अन्य गतिविधियों की सामग्रियाॅ रखी गई हैं। जिसका उपयोग कर बच्चों एवं पालकों के मानसिक एवं बौद्धिक स्तर में वृद्धि हो सकें। गाँव की गलियों व दीवारों पर बच्चों के लिए सेल्फी जोन हिन्दी के वर्णमाला, गिनती, अंग्रेजी के अल्फाबेट, बारहखड़ी, गणित हल करने की आसान विधियाॅ, गुणा-भाग सहित पढ़ाई के अन्य आसान तरीकें भी दीवारों पर अंकित किए गए हैं। ग्रामीणों एवं पालकों की सहभागिता से स्कूली बच्चों के लिए कम्प्यूटर एवं टेबलेट की भी व्यवस्था की गई हैं। जिससे बच्चें पढ़ाई के साथ-साथ कम्प्यूटर का ज्ञान भी प्राप्त कर रहें हैं। इसके अलावा खेलगढ़िया के अंतर्गत खेल मैदान में बच्चों को तीरंदाजी, बेडमिंटन, खो-खो, कबड्डी, लम्बी कूद, फुटबाल, बाॅलीबाल सहित अन्य खेलों का प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाता हैं। ग्रामीणों ने बताया कि गाॅव को स्वच्छ रखने के लिए प्रत्येक घरों के सामने डस्टबिन लगाया गया हैं। डाॅ. शुक्ला ने खेल मैदान पहुॅचकर तीरंदाजी में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे छात्र वरूण पटेल की सराहना की तथा उन्हें पढ़ाई के साथ-साथ खेल में भी आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। ग्रामीणों ने बताया कि यहां के स्कूल शिक्षकों द्वारा नियमित कक्षाएॅ लेने और बच्चों को सहज सरल तरीके के पढ़ाई से प्रभावित होकर कोई भी पालक अपने बच्चों को प्राईवेट स्कूल में अध्ययन के लिए नहीं भेजते।

इसके उपरांत डाॅ. शुक्ला ने घोयनाबाहरा के गौरा-चैरा पारा
के मोहल्ला क्लास एवं कोमाखान के पंचायत भवन से संचालित किए जा रहे है लाउडस्पीकर
क्लास व पढ़ाई तुंहर पारा मोहल्ला क्लास का भी अवलोकन किया। उन्होंने
इसके माध्यम से बच्चें कितना समझ पा रहे हैं व अनुकरण कर पा रहे हैं
इसकी जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने बच्चों के नोट बुक का अवलोकन कर उनकी
हैंड राईटिंग की सराहना की। कोमाखान के शिक्षक विजय शर्मा ने बताया
कि बच्चों के पढ़ाई प्रभावित न हो इसके लिए लगभग 200 दिनों
से भी अधिक समय से बच्चों को लाऊड स्पीकर के माध्यम से पढ़ाई कराई
जा रही हैं। पंचायत द्वारा बच्चों के पढ़ाई के लिए लाऊड स्पीकर की
व्यवस्था गलियों पर की गई हैं।
डाॅ. शुक्ला ने पढ़ाई तुंहर पारा मोहल्ला क्लास को आगे भी जारी रखने के आवश्यक
दिशा-निर्देश शिक्षा अधिकारी को दिए। इस अवसर पर अपर कलेक्टर जोगेन्दर नायक, जिला
शिक्षा अधिकारी राॅबर्ट मिंज, शिक्षा
विभाग के सहायक संचालक हिमांशु भारतीय, एम.जे. सतीश नायक, शिक्षक
गौरव शर्मा, रिंकल बग्गा, वीरेन्द्र चंद्राकर, नंदलाल यादव एवं विजय शर्मा सहित संबंधित शिक्षक उपस्थित थे।
