सोमवार से शुरू हो जाएगा नया कोविड अस्पताल का आईसीयू, बिस्तरों की कमी भी नहीं होगी
मेकाहारा के विशेषज्ञों से प्रशिक्षण प्राप्त चिकित्सक
तैयार, सिम्टोमेटिक मरीजों के लिए अगले बहत्तर घंटों में सक्रिय कर लिए
जाएंगे जिला चिकित्सालय के आईसीयू
विकासखण्ड स्तर पर भी बनेंगे कोविड केयर सेंटर, चिन्हान्कन एवं प्रबंधकीय उपबंध शुरू
जिले में एका-एक तेजी से बढ़ रहे कोविड-19 के प्रकरणों के
मद्देनजर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग आवश्यकतानुसार एतियात कदम उठाये
जा रहे है। संक्रमित मरीजों को उपचार को समुचित चिकित्सकीय सेवाएं उपलब्ध
कराने के दृष्टिगत जिला स्वास्थ्य ने भी समय पूर्व तैयारी के लिए कुछ अहम
फैसले लिए हैं।
मुख्य
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. एस.पी. वारे ने बताया कि कलेक्टर श्री
कार्तिकेया गोयल एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. रवि मित्तल के निर्देशन
में कोविड-19 की माहामारी को नियंत्रित करने के लिए कुछ नवीन एवं संशोधित
सेवाएं शुरू की जा रही हैं। डाॅ. वारे के मुताबिक वर्तमान में कोविड केयर
सेंटर में क्षतमानुरूप वर्तमान भर्ती एवं डिस्चार्ज संख्या आंकलन अनुसार
पर्याप्त बिस्तरों की उपलब्धता है। किन्तु, धनात्मक प्रकरणों के आरोही क्रम
में मिलने से अहतियात के तौर पर वैकल्पिक प्रबंधन पर जोर दिया जा रहा है।
इस तारतम्य, जल्द ही जिला मुख्यालय स्थित जय हिन्ह काॅलेज में भी भर्ती व
उपचार की सेवाएं प्रारम्भ की जानी है।
जिससे दोनों कोविड केयर सेंटर्स जोड़
कर हम कुल तकरीबन छह सौ एसिम्टोमेटिक मरीजों को भर्ती कर उपचारित करने के
लिए सक्षम होंगे। डाॅ. वारे ने यह भी बताया कि सभी विकासखण्डों में 100-100
बिस्तरों के कोविड केयर सेंटर्स शुरू करने के लिए भवन चिन्हांकन सहित
नैदानिकी यानी उपचार करने वाले चिकित्सकीय दल की उपलब्धता सुनिश्चित किए
जाने की कार्यवाही भी प्रगति पर है। जल्द ही विकासखण्ड स्तर पर भी स्थानीय
मरीजों को उनके ही क्षेत्र में भर्ती कर उपचारित किया जाना सम्भव हो सकेगा।
वहीं,
सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डाॅ. आर.के. परदल से मिली जानकारी
के अनुसार कोविड-19 सिम्टोमेटिक मतलब लक्षण वाले धनात्मक मरीजों को उपचार
उपलब्ध कराने के लिए जिला चिकित्सालय यानी डेडिकेटेड कोविड हाॅस्पिटल में
गहन चिकित्सा इकाई (आई.सी.यू.) की सेवाएं शुरू करने के लिए तैयारियां लगभग
पूर्ण की जा चुकी हैं। अब सोमवार से यहां, कोविड-19 आईसीयू के छह एवं हाई
डिपेडेन्सी यूनिट में बाइस बिस्तर मिला कर कुल अट्ठाइस मरीजों को भर्ती एवं
उपचारित करने के लिए आपेक्षित उपबंधों की समुचित व्यवस्थाएं उपलब्ध होगी।

इधर,
गहन चिकित्सा इकाई में चिकित्सकीय अमले की दक्षता बढ़ाने के लिए गुरूवार 3
सितंबर 2020 को विशेष प्रशिक्षण दिया गया। जिसमें, मेडिकल काॅलेज
हाॅस्पिटल, रायपुर से आए सहायक प्राध्यापक डाॅ. ओ. पी. सुन्दरानी ने जिला
स्तरीय चिकित्सकों एवं नर्सिग स्टाफ को अद्यतन उपचार विधि एवं प्रणालियों
के बारे में विस्तारपूर्वक समझाया। खासतौर पर, मरीजों को भर्ती करते ही
उनमें दिखने वाले लक्षणों को पहचान कर दी जाने वाली दवाओं की डोज और उपचार
के दौरान उपयोग में लाई जाने वाली चिकित्सकीय मशीनरी के इस्तेमाल संबंधी
तकनीकी जानकारी भी प्रदान की गई।
इस दौरान डाॅ. सुन्दारानी व राज्य से आए
प्रशिक्षण दल के विशेषज्ञ, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ.
वारे, सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डाॅ. परदल, कोरोना वायरस
नियंत्रण एवं रोकथाम दल के डिस्ट्रिक्ट सर्विलेन्स अधिकारी डाॅ. छत्रपाल
चंद्राकर, जिला नोडल अधिकारी डाॅ. अनिरुद्ध कसार एवं जिला कार्यक्रम
प्रबंधक श्री संदीप ताम्रकार सहित यहां सेवाएं प्रदाय करने वाले चिकित्सकगण
व नर्सिंग स्टाफ उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि जिला चिकित्सालय के कोविड
हाॅस्पिटल को अत्याधुनिक वेन्टिलेटर्स, पल्स ऑक्सिमीटर सहित उन तमाम
चिकित्सा उपकरणों से लैस किया गया है, जो मरीजों को विषम परिस्थितियों में
भी खतरे से बाहर निकालने के लिए मददगार साबित होते हैं।
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