डेडिकेटेड कोविड अस्पताल पूरी तरह तैयार, कलेक्टर गोयल ने किया निरीक्षण
कोविड-19 के
सिम्टोमेटिक यानी लक्षण वाले मरीजों का उपचार
जिले में ही करने के लिए जिला चिकित्सालय को डेडिकेटेट कोविड अस्पताल में
तब्दील किया जा चुका है। कल देर रात कलेक्टर कार्तिकेया गोयल ने यहां, निरीक्षण
कर कंट्रोल रूम, डाॅनिंग-डाॅफिंग क्षेत्र, आई.सी.यू.
एवं भर्ती वार्ड सहित, निगरानी
कैमरे, माॅनीटरिंग
सिस्टम, कपड़े
धुलाई आदि साफ-सफाई की सेवा व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
इस दौरान कलेक्टर गोयल डेडिकेटेड
कोविड अस्पताल में संलग्न चिकित्सक, नर्सिंग
स्टाफ एवं स्वास्थ्यकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने कोविड-19 के दौर में इस
चुनौतीपूर्ण सेवाओं को गर्व का कार्य बताते हुए उन्हें मरीजों को बेहतर
चिकित्सकीय सेवाएं उपलब्ध कराने को कहा। साथ ही स्वास्थ्यकर्मियों को मरीजों
की मनोदशा को समझते हुए मानवीय व्यवहार बनाए रखने को कहा। मुख्य चिकित्सा
एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. एस.पी. वारे ने बताया कि हाल ही में मेकाहारा
से सहायक प्राध्यापक डाॅ. ओ.पी. सुन्दरानी यहां आए थे। जिनके माध्यम
से गहन चिकित्सा इकाई में सेवाएं देने वाले जिला स्तरीय चिकित्सकीय अमले
को पहले ही प्रशिक्षित किया जा चुका है। लक्षण वाले मरीजों का उपचार करने
के लिए जिले भर से चुनिंदा एवं प्रशिक्षित स्वास्थ्य अमले को तैनात किया
गया है। अनुभवी विशेषज्ञांे की निगरानी में मरीजों का ईलाज किया जाएगा।
सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डाॅ. आर.के.
परदल ने बताया कि कोविड-19 के
सिम्टोमेटिक लक्षण वाले धनात्मक मरीजों को उपचार उपलब्ध
कराने के लिए जिला चिकित्सालय को डेडिकेटेड कोविड अस्पताल में तब्दील
किया जा चुका है। गहन चिकित्सा इकाई (आई.सी.यू.) में छह एवं हाई डिपेडेन्सी
यूनिट में 22 बिस्तर मिला कर कुल 28 मरीजों
को भर्ती एवं उपचारित किए जाने के लिए पूरी तैयारियां की जा चुकी
हैं। प्रत्येक बिस्तर में आॅक्सीजन की सप्लाई और सक्शन मशीनरी की जाॅच की
जा चुकी है। चिकित्सालय में कोविड-19 के
आवश्यक दवाईयों का भंडार भी पर्याप्त हैं। उल्लेखनीय है कि
जिले में तेजी से बढ़ रहे कोविड-19 के प्रकरणों को ध्यान में रखकर जिला प्रशासन
और स्वास्थ्य विभाग द्वारा एहतियाती तौर पर आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही
हैं।
इस क्रम में जिला चिकित्सालय के कोविड अस्पताल को अत्याधुनिक वेन्टिलेटर्स, पल्स
ऑक्सिमीटर सहित उन तमाम चिकित्सा उपकरणों से लैस किया गया है, जो
मरीजों को विषम परिस्थितियों में भी खतरे से बाहर निकालने के लिए
आवश्यक होते हैं। इस दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ.
रवि मित्तल, सहित यहां सेवाएं प्रदाय करने वाले चिकित्सकगण व
नर्सिंग स्टाफ उपस्थित थे।