फीवर क्लीनिक में सोशल डिस्टेन्सिग का पालन करने की अपील - CG Sandesh

फीवर क्लीनिक में सोशल डिस्टेन्सिग का पालन करने की अपील

महज 15 मिनट में कोविड-19 की जांच कर परिणाम देने वाले जिला स्वास्थ्य के फीवर क्लीनिक में रोजाना औसतन 50 से 100 का हो रहा परीक्षण

संक्रमण रोकथाम के दृष्टिगत सी.एम.एच.ओ ने की सोशल डिस्टिेन्सिग का पालन करते रहने की अपील

वैश्विक कोविड-19 की महामारी संक्रमण का पता लगाने में अब तक की सबसे तेज और अधुनिक परीक्षण तकनीक है रैपिड एन्टीजन टेस्ट। इन दिनों मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय से संलग्न सखी सेन्टर में संचालित फीवर क्लीनिक में इसकी सेवाएं निःशुल्क प्रदाय की जा रही हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार यहां प्रतिदिन औसतन 50 से 100 संदिग्ध मरीज आ कर अपनी निःशुल्क जांच करा रहे हैं और महज 15 मिनट के भीतर ही उन्हें परिणाम भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

गौरतलब हो कि अब जिले में कोविड-19 के धनात्मक मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी हो रही है। इस बीच फीवर क्लीनिक में भी प्रतिदिन जांच करवाने वाले मरीजों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. एस.पी. वारे ने गुरूवार 10 सितंबर के परीक्षण आंकड़ों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि गुरूवार को कुल 65 संदिग्ध मरीजों की जांच हुई। जिसमें से 07 मरीज ऐसे रहे जिन्हें कोविड-19 का धनात्मक पाया गया।

ऐसे में धनात्मक मरीजों को कोविड केयर सेन्टर्स में रखा जाना है या वे होम क्वारंटीन में रहेंगे इसके संबंध में उनके लक्षणों को देख कर आंकलन किया जा रहा है साथ ही होम क्वारंटीन की नियमावली पर खरे उतरने पर उन्हें वांछित चिकित्सकीय उपलब्धताएं भी प्रदाय की जा सकेंगी। आंकड़ों और स्थिति को देखते हुए डाॅ. वारे ने आमजन से अपील की है कि जिनमें सर्दी, खांसी या बुखार जैसे लक्षण हों या उन्हें लगता है कि वे कोविड-19 क धनात्मक प्रकरण के सीधे संपर्क में आए रहे हों और उन्हें संक्रमित होने आशंका है वे यहां आकर त्वरित जांच कराएं। किन्तु उन्हें संक्रमण रोकथाम के मद्देनजर सोशल डिस्टेन्सिग का पालन करना चाहिए साथ ही जांच कराने के दौरान अनिवार्य रूप से मास्क का उपयोग करें। समय-समय पर हैंड रब सैनिटाइजर से अपने हाथ धोते रहना भी स्वस्थ और सुरक्षित रहने के लिए जरूरी है।

उल्लेखनीय है कि गुरूवार को फीवर क्लीनिक में मरीजों को त्वरित जांच सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ आवश्यक परामर्श प्रदान करने वाले कोरोना योद्धाओं में चिकित्सा अधिकारी डाॅ. डी.एम. पटेल, ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक (महिला) श्रीमती सावित्री यादव, रिसेप्सनिस्ट कामिनी चंद्राकर, लैब तकनीशियन कु. चंद्रकला साहू और  सुमन प्रधान का सराहनीय सहयोग रहा।


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