मांग पूर्ती को लेकर एन.एच.एम कर्मचारियों की 19 से अनिश्चित कालीन हड़ताल की चेतावनी, 09 सितंबर से काली पट्टी लगाकर कर रहे विरोध.
- नवीन भर्ती में समायोजन कर पुराने कर्मचारियों को दी जाए प्राथमिकता।
- नियमितीकरण के साथ आश्वस्थ किया जाए कि 62 वर्षों तक सेवा से न निकलें।
“कोविड-19 के दौर में हर मुक्कमल प्रयास और चिकित्सकीय सेवा गतिविधियों में हमेशा से अव्वल आ रहे राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा कर्मचारियों में आक्रोश। छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ द्वारा 09 सितंबर 2020 से जारी काली पट्टी विरोध, मांगे पूरी न होने पर 19 से जाएंगे अनिश्चित कालीन हड़ताल में“
महासमुंद। जैसा कि कार्यक्रम के नाम से ही सुस्पष्ट है राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन। सेवा दायित्व अनुरूप अग्रणी रहने वाली इन स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति सरकार का रवैया हमेशा से ही उदासीन अभिभूत होता रहा। पूर्व चुनाव में कर्मचारियों को उनका ह रही क दिलाने की घोषणाएं भी खोखली साबित होती देख अब अधिकारी-कर्मचारियों में अक्रोश बढ़ गया है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ प्रदेश एन.एच.एम कर्मचारी संघ ने विरोध प्रकट करते हुए पहले दिनांक 09 सितंबर 2020 से काली पट्टी लगा कर समूचे प्रांचल को अपनी दशा से अवगत कराया एवं इस बीच संघ ने माननीय मुख्यमंत्री महोदय छ.ग. शासन तक भी अपनी मांगों के संदर्भ में अवगत कराने का प्रयास किया। परन्तु, आज पर्यन्त, सरकार द्वारा पूर्व में किए गए संविदा कर्मचारियों के नियमितिकरण किए जाने के वायदे के उलट विभागीय 2,1,00 नवीन पदों की भर्ती किए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
छत्तीसगढ़ प्रदेश एन.एच.एम कर्मचारी संघ के 13 हजार से अधिक सेवा प्रदाता इसका सीधा विरोध करते हैं और संघ ने उक्त गतिविधियों को सरकार के झूठा वादा करार देते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। साथ ही छत्तीसगढ़ प्रदेश एन.एच.एम कर्मचारी संघ के अध्यक्ष श्री हेमंत सिन्हा ने चेतावनी भी दी है कि अगर उनके साथियों के साथ अन्याय किया जाता है तो कोई भी चुप नहीं रहेगा और दिनांक 19 सितंबर 2020 से सभी अनिश्चतकालीन हड़ताल में चले जाएंगे। जिससे चिकित्सकीय सेवा कार्य चरम स्तर पर प्रभावित हो सकती है। संघ का कहना है इसके लिए जवादेह छत्तीसगढ़ शासन होगा।
उल्लेखनीय है कि प्रकरण में विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक संचालक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के माध्यम से भी प्रमुख सचिव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को हाथों-हाथ पत्राचार किया जा चुका है। वहीं, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन का राष्ट्रव्यापी संघ भी प्रादेशिक सहकर्मियों को समर्थन प्रदान कर रहा है।
संघ के महासमुंद इकाई के जिलाध्यक्ष रामगोपाल खुंटे ने कहा कि इन दिनों कोविड-19 की वैश्विक महामारी के दौर में भी राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कोरोना योद्धाओं द्वारा अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किए जा रहे हैं। सबंधित उक्त प्रकरण में निराकरण न होने की स्थिति में संघ के द्वारा अनिश्चतकालीन हड़ताल एवं सेवाबंदी की चेतावनी दी गई है। इससे निःसंदेह चिकित्सकीय एवं प्रबंधकीय कार्य प्रभावित होंगे।