राष्ट्रीय पोषण माह में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा किया जा रहा हैं गृहभेंट
जिले के 1780 आॅगनबाड़ी केन्द्रों में राष्ट्रीय पोषण माह का आयोजन किया जा रहा हैं। इसका मुख्य उद्देश्य गंभीर कुपोषित बच्चों का शीघ्र चिन्हांकित किया जाना हैं। जिले में 01 से 30 सितम्बर राष्ट्रीय पोषण माह 2020 के अंतर्गत महिला बाल विकास विभाग द्वारा अलग-अलग स्तरों पर विभिन्न कार्यक्रम संचालित किये जा रहे हैं। जिसके अंतर्गत पूरे जिले में राज्य शासन के आदेशानुसार आंगनबाड़ी केन्द्रों में विभिन्न प्रकार की गतिविधियों का आयोजन स्वास्थ्य, पंचायत एवं अन्य विभाग के सहयोग से किया जा रहा हैं। जिसमें आॅगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा प्राथमिकता के आधार पर गृहभेंट किया जा रहा हैं। जिसमें गर्भावस्था के अंतिम तिमाही, नवजात शिशु, कुपोषित बच्चों के घर जाकर परिवारजनों की उपस्थिति में आवश्यक सलाह दी जा रही है। आॅगनबाड़ी केन्द्र व हितग्राहियों के घर आॅगन में पोषण वाटिका का निर्माण किया जा रहा हैं। स्कूलों में जहाॅ स्थान उपलब्ध हैं वहां किचन गार्डन पोषण वाटिका निर्माण कर मुनगा, पपीता आदि फलदार मौसमी पौधें लगाए जा रहें हैं।
इसके
अलावा 03 से 06 वर्ष तक के बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं के लिए निःशुल्क
गर्म भोजन वितरण की व्यवस्था प्रारम्भ की गई है साथ ही कुपोषित बच्चों,
गर्भवती एवं शिशुवती माताओं को घर पहुंच पूरक पोषण आहार (रेडी टू ईट पैकेट)
प्रदाय किया जा रहा है। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए महिला एवं बच्चों
को माॅस्क लगाने, समय-समय पर साबुन से हाथ धोते रहने एवं सोशल डिस्टेंसिंग
का पालन करने की समझाईश दिया जा रहा हैं। कुपोषित पाए गए बच्चों में कुपोषण
के कारणों की पहचान कर सामाजिक एवं व्यवहारिक आदतों में परिवर्तन के
माध्यम से कुपोषण को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। पोषण माह के दौरान
शीघ्र स्तनपान एवं 08 माह तक संपूर्ण स्तनपान को बढ़ावा देने के बारें में
जानकारी दी जा रही है।