जन चेतना अभियान के माध्यम से लोगों को किया जा रहा है जागरूक
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण महासमुंद के
सचिव द्वारा जानकारी दी गई कि कोरोना काल में जहां दिन-प्रतिदिन के कार्य
प्रभावित हुए है, ऐसी स्थिति में लोगों के मध्य पहुंचकर विधिक जागरूकता का कार्य
करना सुरक्षित नहीं है। इसलिए राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर
के अनुमोदन अनुसार विधिक साक्षरता हेतु विशेष जन चेतना अभियान सितम्बर 2020 से
अगस्त 2021 तक चलाया जाएगा। जिसमें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा
विधिक जागरूकता संबंधी विषय पर वीडियो रिकॉर्ड कर जिला शिक्षा
अधिकारी के माध्यम से जिले में संचालित समस्त शासकीय, अर्द्धशासकीय एवं
निजी विद्यालयों, महाविद्यालयों के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के मध्य आॅनलाइन
शिक्षा के माध्यम से प्रचारित-प्रसारित किया जाएगा।
इस आदेश के परिपालन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जिला महासमुंद द्वारा विधिक जागरूकता
संबंधी विषय पर 03 वीडियो रिकार्ड कर यू-ट्यूब चैनल जन चेतना-सीजीएसएलएसए में
अपलोड कर दिए गए है। इस वीडियो के लिंक महासमुद जिले में संचालित समस्त
शासकीय, अर्द्धशासकीय एवं निजी विद्यालयों, महाविद्यालयों के
शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के मध्य आॅनलाईन शिक्षा के माध्यम से
प्रचारित-प्रसारित किए जा रहे हैं। इसी प्रकार मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत के
माध्यम से उनके अधीनस्थ समस्त सरपंच,
पंच सचिव रोजगार सहायक, मितानिन एवं अन्य अधिकारियों, कर्मचारियों के समन्वय से आमजन के बीच डिजिटल माध्यम से उक्त वीडियो को प्रचारित-प्रसारित किए जा रहे है।
19 सितम्बर को होगा द्वितीय राज्य स्तरीय विशेष ई-लोक अदालत का आयोजन
छत्तीसगढ़ राज्य में भारत वर्ष
में पहली बार ई-लोक अदालत का आयोजन 11
जुलाई 2020
को किया गया था। जिसकी
सफलता उपरांत 19 सितम्बर 2020 को द्वितीय राज्य स्तरीय विशेष ई-लोक अदालत का
आयोजन किया जाएगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण महासमुंद की अध्यक्ष
एवं जिला न्यायाधीश के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व के अधीन जिला न्यायालय
महासमुंद एवं तहसील पिथौरा, सरायपाली स्थित सिविल
न्यायालयों में कुल 07 विशेष ई-खण्डपीठों की
स्थापना की गई है। जिनमें
पक्षकार एवं वकील न्यायालय में उपस्थित
हुए बिना घरों से ही वीडियो
कान्फ्रेंसिंग के साधनों जैसे- जिट्सी
मीट ऐप, व्हाट्स ऐप, गूगल मीट आदि के
माध्यम से आपसी सहमति से प्रकरणों का
निराकरण करेंगे। समझौता योग्य दांडिक
प्रकरण पारिवारिक मामलें, मोटरयान दुर्घटना
दावा, चेक बाउंस के प्रकरण आदि धन संबंधी मामले जो
सामान्य लोक अदालतों के माध्यम से निराकृत हो जाते,
कोरोना संक्रमण के चलते न्यायिक कामकाज
प्रभावित होने से निराकृत नहीं हो
पा रहे है, परंतु ई-लोक अदालत के
माध्यम से वकील एवं पक्षकारों को आर्थिक
राहत प्राप्त होगी।
उल्लेखनीय है कि. ई-लोक अदालत के सफल संचालन हेतु महासमुंद जिला न्यायलय की विशेष वेब साइट पर लिंक की सहायता से पक्षकारों को घर बैठे सीधे विशेष ई-लोक अदालत की खंडपीठ से जुड़ने में सहायता मिलेगी। यदि कोई पक्षकार उक्त ई-लोक अदालत के माध्यम से अपना राजीनामा योग्य प्रकार निराकृत करवाना चाहते हैं, तो वे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण महासमुंद अथवा अपने अधिवक्ता से संपर्क कर सकते हैं।
जिला जेल महासमुंद से बंदी अंतरिम जमानत पर रिहाइसी प्रकार माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों के परिपे्रक्ष्य में छत्तीसगढ़ राज्य में गठित माननीय हाई पावर कमिटी द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा प्रस्तुत आवेदनों के आधार पर 200 से अधिक अभिरक्षाधीन बंदियों को जिला जेल महासमुंद से अंतरिम जमानत पर रिहा किया गया।