हड़ताल के बावजूद एन.एच.एम. कर्मचारी बिना वेतन के कोविड केयर य... - CG Sandesh

हड़ताल के बावजूद एन.एच.एम. कर्मचारी बिना वेतन के कोविड केयर यूनिट में वालेंटियर के रूप में सेवाएं देने के लिए सरकार को किया अनुरोध.

महासमुंद. हड़ताल के बावजूद एन.एच.एम. कर्मचारी बिना वेतन के कोविड केयर यूनिट में वालेंटियर के रूप में सेवाएं देने के लिए सरकार को अनुरोध किया। जिसे एन.एच.एम. संचालक ने ठुकरा दिया. ज्ञात हो कि पिछले 3 दिन से एन.एच.एम. कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल में हैं लेकिन कोरोना वैश्विक महामारी को देखते हुए एन.एच.एम. कर्मचारियों ने बिना मानदेय लिये आम जनता के बेहतर स्वास्थ्य के लिए संघ ने हड़ताल के साथ साथ स्वैच्छिक स्वास्थ्य सेवा/चिकित्सीय सेवा प्रदाय करने के लिए सहयोग की मंशा से शासन व प्रशासन के समक्ष सेवा प्रस्ताव रखा था। इससे यह स्पष्ट हो जाता है कि सरकार को कोरोना महामारी में आम जनता के स्वास्थ्य से कोई दिलचस्पी नहीं है। दिनो दिन बढ़ते पॉजिटिव मरिजों के साथ मौत का आंकड़ा भी बढ़ते जा रहा है। वही कर्मचारियों के हड़ताल में जाने से स्थिति नियंत्रण से बाहर हो चूकि है। अगर यही हाल रहा तो आने वाले समय में कोरोना का स्वरूप समाज में भयावह रूप ले लेगा। जिसे नियंत्रण में कर पाना शासन/प्रशासन को बहुत बड़ी चुनौती होगी।

एन.एच.एम. संघ के जिला अध्यक्ष रामगोपाल खुटें ने बताया कि कर्मचारियों का हड़ताल तीसरे दिन भी भी जोर शोर से चलता रहा। सरकार डरी हुयी है इसीलिए कर्मचारियों पर 24 घण्टे का अल्टीमेटम देकर नौकरी से पृथक करने की लेटर जारी किया गया।

संघ इन धमकियों से डरे बिना हड़ताल में डटे हुए है। साथ ही सभी कर्मचारी एक सुर में कहा कि किसी एक पर भी कार्यवाही होती है तो सब सामुहिक इस्तीफा दे देंगे। इसके लिए पूर्ण तैयारी संगठन स्तर से कर ली गई। श्री खुटे जी ने बताया कि कल 12 बजे पिथौरा बागबाहरा एवम महासमुंद के संयुक्त सभी खण्ड कर्मचारियों की बैठक पिथोरा में आयोजित की गई है।

भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर

पीजी पोर्टल में शिकायत के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय, जाँच प्रणाली में सुधार की आवश्यकता, आजादी के 79 साल बाद भी शिकायत के जाँच में स्वतंत्रता नही.


अन्य सम्बंधित खबरें