कलेक्टर ने चुलबुली को एलबेंडाजोल खिला कर कृमि-मुक्ति अभियान की शुरूआत, 30 सितम्बर तक गांव-गांव चलेगा यह अभियान
इस बार जिले में
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति कार्यक्रम के तहत 04 लाख 69 हजार
342 बच्चों को एल्बेंडाजोल की दवाएं खिलाए जाने का लक्ष्य मिला है। कलेक्टर कार्तिकेया
गोयल ने आज शहर के मौहारीभाठा क्षेत्र की रहने
वाली सात वर्षीय बालिका कुमारी चुलबुली निषाद को एल्बेन्डाजोल की दवा खिला कर इस अभियान की शुरूआत की। इस दौरान मुख्य चिकित्सा एवं
स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. एस.पी. वारे, सिविल
सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डाॅ. आर.के. परदल,
कृमि
मुक्ति कार्यक्रम के जिला नोडल अधिकारी संदीप ताम्रकार
एवं आरएमएनसीएचए सलाहकार (शिशु स्वास्थ्य) डाॅ. मुकुंद राव घोड़ेसवार
उपस्थित रहे।
डाॅ. वारे ने बताया कि इन दिनों कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए जिला प्रशासन ने जिले को कंटेन्मेंट जोन घोषित किया हुआ है। इसलिए राष्ट्रीय कृमि मुक्ति कार्यक्रम की पूर्व निर्धारित योजना में दिनांकवार आंशिक रूप से थोड़े से बदलाव किए गए हैं। नई समय-सारणी के अनुसार ग्रामीण अंचलों में यह अभियान 23 सितम्बर से 30 सितम्बर 2020 तक यथावत चलेगा। किन्तु सुरक्षा-सावधानी और संक्रमण रोकथाम के मद्देजनर शहरी इलाकों में इसे 30 सितम्बर 2020 के बाद चलाया जाएगा। यानी आज से 30 सितम्बर तक मितानिन एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर स्थानीय आमजनों के घरों में रहने वाले बच्चें को कृमि मुक्त करने के लिए एलबेंडाजोल की दवाएं खिलाना शुरू कर देंगे। वहीं शहरी क्षेत्र में रहने वाले बच्चों को इसका लाभ कन्टेनमेन्ट जोन समाप्त होने के बाद इसी तरह मिलेगा।
सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डाॅ. आर.के. परदल ने बताया समुदाय स्तर पर मितानिन एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा 01 से 19 वर्षीय बच्चों को कृमि की दवा ”एल्बेन्डाजोल” गृह भ्रमण कर खिलाई जाएगी। जिसमें एल्बेन्डाजोल की खुराक 01 से 02 वर्ष के बच्चों को आधी गोली पीसकर तथा 03 से 19 वर्ष के आयु के बच्चोें को पूरी गोली दी जाएगी। इसके लिए जिले में 01 से 19 वर्ष के लगभग चार लाख 68 हजार 342 बच्चों को एल्बेन्डाजोल की गोली खिलाए जाने का लक्ष्य रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने इसके अनुपात में दवाओं के भी पर्याप्त भंडारण कर लिए हैं।