खड़ी फसल पैरा में बदल रही, कम्पनी के कर्मचारी किसानों के बुल... - CG Sandesh

खड़ी फसल पैरा में बदल रही, कम्पनी के कर्मचारी किसानों के बुलाने के बाद भी नही पहुँच रहे है गांव

खेती किसानी के पहले गांव गांव जाकर प्रचार करने वाले बायर कम्पनी के कर्मचारी अब किसानों के बुलाने के बाद भी गांव नहीं जा रहे है. मामला बसना ब्लाक के ग्राम गिधामुंडा का है जहाँ कई किसानों ने अपने खेतों में फसल के लिए अराईज 8433 DT धान लगाए हुए है. कम्पनी के द्वारा इस धान में माहू नही लगेगा बोल कर प्रचार किया जाता है, और भूरा माहू के प्रति सहन सील बताया जाता है लेकिन ऐसा बिल्कुल नही हुआ है किसानों ने कहा कि उनके खड़ी फसल भूरा माहू के चपेट में आकर पैरा में बदल रहा है. 

इन किसानों के धान माहू से पैरा में बदल रहे है जयनारायण साहू ,भीष्मदेव बेदलाल साव, बरतराम साव,  राजकुमार साव आदि किसानों ने बताया कि बायर कंपनी वाले धान लगाने के समय हर गाँव मे प्रचार प्रसार करते हैं की अराईज 8433 DT धान के बारे में की इस धान में जो माहू नही लगेगा व माहू के प्रति सहनशील है, जबकि इस धान में माहू बहुत ही लग रहा है किसानों ने कहा कि हमको ठगी होने का एहसास हो रहा हैं.

किसानों ने बताया कि कम्पनी वालों को फोन करके बुलाने और जानकारी देने पर मौसम साथ नही दे रहा है बोलते हैं, किसानों ने बताया कि इसमें सप्ताह भर पहले और आज दूसरी बार बायर कम्पनी की कांफीडोर व असिफेट पावडर मार चुके हैं. फिर भी माहू से कंट्रोल नहीं हो रहा है लगातार दवाईया के उपयोग करने से आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है.

बताया गया कि बायर कम्पनी के धान बीज को 320 रु प्रति किलो के हिसाब से खरीदा गया था कम्पनी का दावा था कि भूरा माहू नही लगेगा जिसके बाद आज की स्तिथि में भूरा माहू के प्रभाव में आकर खड़े धान पैरा के रूप ले चुका है.

मामले में रिटेलर खीर सागर साव से संपर्क करने पर बताया कि भूरा माहू नही लगेगा ऐसा नही है भूरा माहू के ख़िलाफ सहनशील है लॉक डाउन के बाद दौरा किया जाएगा.


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