पूंजीपतियों का पोषण, गरीबों का दमन नीति पर चल रही केंद्र सरकार : विश्वजीत बेहरा
केंद्र सरकार द्वारा जारी कृषि विधेयकों का विरोध करते हुए जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व जिला उपाध्यक्ष विश्वजीत बेहरा ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार द्वारा जारी तीनों कृषि विधेयकों से किसानों का भला होने वाला नहीं है। बल्कि इन विधेयकों से बड़ी कंपनियों, उद्योगपतियों को ही फायदा होने वाला है। इस विधेयक से न्यूनतम समर्थन मूल्य को खत्म करने की साजिश रची जा गई है। उन्होंने हाल ही में जारी न्यूनतम समर्थन मूल्य जारी की गई है जिसमें गेहूं के समर्थन मूल्य में मात्र 2.6% की वृद्धि की गई है जिसमें उनके द्वारा लागत मूल्य से 50% अधिक समर्थन मूल्य रखने का दावा खोखला साबित हो रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि MSP को कृषि कानूनों से बाहर रखना मोदी सरकार का षडयंत्र है जिसे किसानों को समझना होगा। देश का किसान, मजदूर सड़कों पर है और सत्ता के नशे में मदमस्त मोदी सरकार उनकी रोजी रोटी छीन-छीन कर खेत खलिहानों को पूंजीपतियों के हवाले करने का कुत्सित कार्य करने जा रही है।
उन्होंने कहा कि कृषि विरोधी तीन काले कानूनों ने मोदी सरकार के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मुखौटे को उतार दिया है। असल में मोदी सरकार का मूलमंत्र है। किसानों को मात, पूंजीपतियों का साथ। किसान मजदूरों को शोषण, पूंजीपतियों का पोषण गरीबों का दमन, पूंजीपतियों को नमन की नीति पर केंद्र सरकार चल रही है।