राईस मिलो के गंदे पानी से अनुपयुक्त और विषाक्त हुआ बांध, मर रहीं है मछलीयां
बसना नगर से तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम अरेकेल में 52 एकड़ में फैला अरेकेल बांध में राईस मिलो से छोड़े जा रहे गंदी पानी से बांध का पानी अनुपयुक्त और विषाक्त होता जा रहा हैं. ग्रामीणों ने बताया कि यह बांध से 2100 जनसंख्या वाले गांव का निस्तारी के उपयोग में आने वाला प्रमुख बांध है जहां मवेशी को पानी पीने में भी उपयोग किया जाता हैं. लेकिन विगत पांच वर्षों से महालक्ष्मी राईस मिल और शिवशक्ति राईस की की गंदी पानी 52 एकड़ में फैला अरेकेल बांध में छोड़ा जा रहा है जिससे बांध का पानी अनुपयुक्त और प्रदूषित होती जा रही थी. जिसकी शिकायत ग्रामीणों द्वारा लगातार ग्राम पंचायत में की जाती रही.
जिस पर ग्राम पंचायत द्वारा दोनो राईस मिल संचालको को इस संबंध में नोटिस दिया जाता था. जिस पर राईस मिल संचालको द्वारा कुछ दिनों के लिये पानी को बांध में जाने से रोक दिया जाता था. लेकिन कुछ दिनों बाद फिर राईस मिलों से पानी बांध में छोड़ दिया जाता था. जिससे बांध का पानी धीरे-धीरे गंदगी होती जा रही थी लेकिन इस वर्ष दोनो राईस मिल के आने वाले गंदी और विषैली पानी से अरेकेल बांध का पानी बहुत ज्यादा प्रदूषित विषैली हो गया. जिससे बांध का पानी निस्तारी योग्य नही रह गया है. और बांध का पूरा पानी विषैला बदबूदार काई से नीला रंग का हो गया हैं.
ग्रामीणों ने इसकी शिकायत कलेक्टर महासमुंद कार्तिकेया गोयल से की जिस पर कलेक्टर महासमुंद द्वारा तत्काल अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सरायपाली को जांच के आदेश दिए जिस पर आज अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सरायपाली कुणाल दुदावत के निर्देश पर बसना तहसीलदार ललिता भगत द्वारा अरेकेल बांध की जांच की गई जिस पर पाया गया कि महालक्ष्मी राइस मिल शिव शक्ति राइस मिल से लेकर अरेकेल बांध का निरीक्षण किया गया जहां निरीक्षण के दौरान पाया गया कि महालक्ष्मी राइस मिल का निकासी पानी स्वमं के पश्चिम के प्लाट में छोड़ा जा रहा है. जो आगे जाकर छोटे नाले से होकर अरेकेल के बांध में आकर मिल रहा है. जबकि शिवशक्ति राईस मिल का पानी मिल के दक्षिण से खेतो के सहारे बांध में आकर मिल रहे है. उक्त दोनों राईस मिलों का निकासी पानी अत्यधिक गंदा और बदबूदार हैं. जिसके कारण बांध का पानी हरे रंग का टेली परत हो गया है. बांध का पानी बदबूदार हो गया है और बांध के पानी मे मछली मरे हुये दिखाई दे रहे है जिससे विषैले होने का प्रमाण मिला.
इसके अलावा निम्न किसानों उसतराम/पुनितराम, मकरध्वज/पुनीत, बद्रीनाथ/मखियार, सरोजकुमार, मेधराज /रतिलाल ने तहसीलदार से मौके पर लिखित में शिकायत किया की शिवशक्ति राइस मिल के संचालक द्वारा मिल की निकासी पानी को उनके भूस्वामी वाले जमीन में छोड़ा जा रहा हैं जिसके कारण जमीन में लगी धान की फसल में बदबूदार पानी से किट प्रकोप बहुत ज्यादा हो रहा हैं. और धान के पौधे खुद ब खुद मर रहे हैं.
उन्होंने बताया कि पूर्व में हमारे द्वारा इस संबंध में ग्राम पंचायत में शिकायत किया गया था लेकिन शिव शक्ति राइस मिल के संचालक तुलसी अग्रवाल द्वारा खेत के मेल को तोड़ने का झूठा आरोप लगा दिया था. इसके अलावा चंडी झंडी फट स्व सहायता समूह के सदस्यों चिंतामणी, रामकिशन, नंदराम, शिवप्रसाद, शंकरराम के द्वारा महामाया राइस मिल के संचालक जय लभगवान अग्रवाल के खिलाफ लिखित में मौके पर शिकायत प्रतिवेदन तहसीलदार को दिया गया कि अरेकेल बांध को 10 वर्ष के लिये मछली पालन हेतु लीज पर लिया शासन से लिया गया है परंतु महालक्ष्मी राइस मिल के गंदी और बदबूदार पानी से बांध का पानी जहरीला और विषाक्त हो गया है. जिसके कारण हमारे द्वारा डाले गए लाखों रुपए की मछली मर रहे हैं. जिसके मुवाजा राशि दिलाने की मांग की हैं.
बसना तहसीदार ललिता भगत ने बताया कि अरेकेल निवासियों द्वारा शिकायत की गयी थी की महालक्ष्मी राइस मिल और शिवशक्ति राइस मिल की निकासी पानी से बांध का पानी गंदी बदबूदार और विषाक्त हो गई है जिस पर मौके जांच की गयी वास्तव में बांध का पानी विषैला हो गया हैं. बदबू आ रही हैं. जिसके कारण मछलियां मरी हुई है. हमारे द्वारा जांच प्रतिवेदन बनाकर आगे की कार्यवाही हेतु उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट सौंप दी जावेगी.