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सूदखोरों से बसना अंचल के किसान परेशान, गिरवीनामा के नाम से करा ले रहे हैं किसानों के जमीन की रजिस्ट्री

बसना क्षेत्र में सूदखोरों की लगातार बढ़ती हुई मनमानी से इस क्षेत्र के किसान त्रस्त है।कर्ज देने के नाम से भोले भाले किसानों से गिरवीनामा के नाम से किसानो की जमीन की रजिस्ट्री करा ली जा रही है। जिससे किसानों को न्याय पाने के लिए दरदर की ठोकरें खाने पड रहे हैं। बसना, पिथौरा एवं सरायपाली अँचल में सैंकड़ों किसान इन सूदखोरों के चंगुल में फंस कर काफी ज्यादा परेशान हैं।

गौरतलब हो कि बसना अँचल के कुछ किसानों ने आवश्यक कार्य हेतु अपनी कृषि जमीन को सूदखोरों के पास रजिस्ट्री गिरवी रखे। सूदखोरों ने छल पूर्वक वह जमीन को गिरवी ना कर बिक्री रजिस्ट्री कर जालसाजी से हस्ताक्षर करवा लिया गया। तत्पश्चात किसानों ने कर्ज में ली हुई रकम की ब्याज की राशि को नियमित लगाकर पटाते रहे। जब किसान पुनः गिरवी रखी जमीन को पट्टे तथा अन्य कागजात सहित वापस मांग करने लगे, तब जानकारी हुई कि उक्त कृषि भूमि जो किसी अन्य व्यक्ति के नाम से बिक्री कर दी गई थी। इस प्रकार किसानों ने विरोध भी किया, तब सूदखोरों ने जमीन देने से मना कर दिया। इसकी शिकायत भुक्तभोगी किसानों के द्वारा प्रदेश के गृह मंत्री एवं महासमुन्द जिला कलक्टर,महासमुंद पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक की गई है। तथा स्थानीय पुलिस थाना में भी शिकायत की गई है।किन्तु अभी तक शासन प्रशासन की तरफ से कोई उचित कार्यवाही नहीं हो रही है। जिससे इस क्षेत्र में सूदखोरों के द्वारा मनमानी किया जाने लगा हैं, और किसानों का शोषण जोरों में करने लगे हैं।         

बसना अँचल के पीड़ित किसान बसंत प्रधान , नूपुर कुमार ,जगत राम नायक , ग्राम गिधली से तथा देवी सिंह ,अवधूत बरिया, सुरजीत मांझी ग्राम खुर्सीपार से तथा बलिराम बंजारा कोलिहा देवरी, बद्रिका प्रसाद पटेल बिल्हा पाली मेघा पाली से अधिक किसानों ने अपने कृषि जमीन वापसी के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं। भुक्तभोगी एवं पीड़ित किसानो द्वारा क्रांति सेना में भी शिकायत की गई है।जिसमें क्रांति सेना के ब्लॉक अध्यक्ष एवं पदाधिकारी गण ईश्वर सिंह पोर्ते, नरेश सिदार, सुख सिंह जगत छत्तीसगढ़ क्रांति सेना ने किसानों को कहा है कि हम सूदखोरों से जमीन किसानों को वापस लौटा कर ही रहेंगे और उनको उचित न्याय दिलाएंगेl

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