एन एच एम सविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों का तीन बर्खास्त बहाली न... - CG Sandesh

एन एच एम सविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों का तीन बर्खास्त बहाली नही हुआ। स्वास्थ्य सेवाएं हुए बाधित।

महासमुंद जिला अध्यक्ष रामगोपाल खुंटे छत्तीसगढ़ प्रदेश एन एच एम सविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने बताया गया कि छत्तीसगढ़ प्रदेश एन एच एम सविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के आह्वान में दिनाँक 19 सितम्बर से 29 सितम्बर तक प्रदेश में 13000 सविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने एक सूत्रीय मांगो को लेकर नियमिति करण एंव 62 वर्ष जॉब की सुरक्षा को लेकर हड़ताल पर अड़े थे।

माननीय स्वास्थ्य मंत्री श्री टी एस बाबा ने उन मागों पर सकारात्मक विचार करते हुए। शर्तो को मान लिया है। बताया गया कि हमने अपने घोषणा पत्र में आपके माँग को रखा था। स्वास्थ्य विभाग के सविदा कर्मचारी आवस्यक सेवा में आता है। अभी कोरोना काल में अपने जी जान लगा कर काम कर रहे है। कार्यवाही को शून्य कर दी जाएगी जिसके लिये प्रशासन के अधिकारियों को मौखिक आदेश देकर बोल दिया जाएगा। लिखित में नही दिया परेशानी बड़ा ।      

जिला प्रशासन महासमुंद ने दिनाँक 22 सितम्बर को हड़ताल न करने की समझाइस देते हुए कहा कि अभी अपने अपने काम पर वापस आ जाओ । लेकिन संघ के आह्वान पर होने से दो दिन का समय मांगा था। उनसे ये भी कहा गया कि किसी भी कर्मचारियो पर दमनात्मक रवैया न अपनाया जाए। न ही किसी कर्मचारियो बर्खास्त किया जाये उन्होंने बातो को गंभीरता से स्वीकार किया।

कहा गया कि महासमुंद जिले में किसी भी कर्मचारियो को बर्खास्त नही किया जाएगा। और किया जाता है। तो बहाली भी कर दी जाएगी। दिनाँक 24 सितम्बर को प्रशासन के बातो को समझते हुये मान ली गई सभी ने अपने काम पर लौट आये। प्रशासन से समय समय पर चर्चा किया गया और उनके द्वारा यह भी कहा गया कि थोड़ा इंतजार करो हो जाएगा। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से भी निवेदन किया कि 3 कर्मचारियों को बहाल करने हेतु जल्द से जल्द कार्यवाही करेंगे स्वास्थ्य सेवाएं बाधित हो रहे है। एक सप्ताह से अधिक हो गए है ।एन एच एम स्वास्थ्य सविदा कर्मचारियों ने अपील की है कि बर्खास्त कर्मचारियो को बहाल कर तत्काल जोइनिंग दे। किसी भी प्रकार से देरी होने से शासन प्रशासन जिम्मेदार रहेंगे। महासमुंद जिला अध्यक्ष रामगोपाल खुंटे छत्तीसगढ़ प्रदेश एन एच एम सविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ।


भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर

पीजी पोर्टल में शिकायत के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय, जाँच प्रणाली में सुधार की आवश्यकता, आजादी के 79 साल बाद भी शिकायत के जाँच में स्वतंत्रता नही.


अन्य सम्बंधित खबरें