अतिक्रमण को बचाने आरोपियों ने रचा षड़यंत्र, सरपंच-पंच एवं गां... - CG Sandesh

अतिक्रमण को बचाने आरोपियों ने रचा षड़यंत्र, सरपंच-पंच एवं गांव के प्रमुख लोगो के ख़िलाफ की झूठी शिकायत, कार्यवाही के लिए 200 लोग पहुँचे कलेक्टोरेट.

महासमुंद जिले में बात अवैध अतिक्रमण का हो तो फिर न्याय मिलना बेहद ही मुश्किल साबित होता है, महासमुंद जिले मे अतिक्रमण के कई ऐसे मामले मिल जाएंगे जिनमें अतिक्रमण हटाने शासन-प्रशासन नाकाम नजर आते है. ऐसे ही एक मामले में लगभग 200 लोग आज जिला कलेक्टोरेट और एसपी कार्यलय पहुँचे जहां शिकायत के माध्यम से बताया गया कि कैसे अवैध अतिक्रमण को बचाने गांव में 2 पाल्टी द्वारा अशांति का माहौल बनाया जा रहा है.

मामला है खल्लारी क्षेत्र के ग्राम डुमरपाली का है, जहाँ शिकायत पत्र के अनुसार आरक्षित जमीन खसरा नम्बर 310 में नाथू राम सिन्हा पिता चोवा राम सिन्हा, संतोष सिन्हा व रमेश सिन्हा पंचायत के आरक्षित जमीन पर अतिक्रमण कर रहे है. इस अतिक्रमण को हटाने के लिए गांव में बैठक कर उक्त लोगो को बुलाकर समझाया गया, लेकिन उल्टा गाँव वालों और पंचायत पदाधिकारीयो के ऊपर नामजद जान से मारने की धमकी जैसी झूठी शिकायत खल्लारी थाना में किया गया है.

2 जुलाई को तहसीलदार बागबाहरा को ज्ञापन दिया गया था. जिस अतिक्रमण को हटाने के लिए 6 अगस्त को न्यायालय द्वारा आदेश जारी किया गया था. लेकिन उक्त व्यक्तियों द्वारा जमीन का पट्टा है कहकर अतिक्रमण हटाने वाले आदेश के खिलाप स्टे लगा दिया. तहसीलदार के आदेश पर पटवारी द्वारा मौका जांच किया गया, जिसमे उक्त लोगो द्वारा जिसका पट्टा दिखाया जा रहा है वह खसरा नम्बर 582 है जो कि आबादी भूमि है, जबकि अतिक्रमण भूमि का खसरा नम्बर 310 है जो कि घास भूमि है.

उक्त लोगो को तहसीलदार द्वारा 7 अक्टूबर 2020 को न्यायालय मे पेश होने कहा गया है. लेकिन उक्त व्यक्ति सन्तोष सिन्हा, रमेस सिन्हा एवं उनके परिवार माखन सिन्हा, रिखीराम सिन्हा, भूषण सिन्हा, द्वारा गांव में 2 पाल्टी, अशांति का माहौल बनाया जा रहा है. शिकायत के अनुसार उक्त लोगो द्वारा अपने घर के वीणा सिन्हा को अतिक्रमण जमीन में रहने को भेजा जा रहा है. एवं सरपंच-पंच अथवा गांव वालों के नाम से रिपोर्ट किया गया है कि मेरे नहाते हुए फ़ोटो खींचना देखना एवं कई झूठे रिपोर्ट किए है.

ग्रामीणों ने उक्त लोगों के ऊपर गांव में लगातार अशांति एवं बाहर से असमाजिक तत्वों के लोगो को लाकर मारने उठाने जैसे कार्य किया जा रहा है. ग्रामीणों ने उक्त लोगो के ऊपर कार्यवाही करने की मांग की है.


भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर

पीजी पोर्टल में शिकायत के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय, जाँच प्रणाली में सुधार की आवश्यकता, आजादी के 79 साल बाद भी शिकायत के जाँच में स्वतंत्रता नही.


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