MSP के नाम अन्नदाताओं को गुमराह कर रही बीजेपी - डॉ रश्मि चंद... - CG Sandesh

MSP के नाम अन्नदाताओं को गुमराह कर रही बीजेपी - डॉ रश्मि चंद्राकर

महासमुंद सांसद चुन्नीलाल साहू के प्रेस कॉन्फ्रेंस पर आड़े हाथों लेते हुए जिलाध्यक्ष डॉ रश्मि चन्द्राकर की तीखी प्रतिक्रिया!

जिला अध्यक्ष डॉ रश्मि चंद्राकर ने महासमुंद सांसद चुन्नीलाल साहू को याद दिलाया समर्थन मूल्य और बोनस पर किस तरह छत्तीसगढ़ की पूर्व बीजेपी सरकार ने किसानों के साथ वादाखिलाफी की थी बीजेपी के लिए किसान सिर्फ एक राजनीतिक मुद्दा रहा है किसान और किसानी से बीजेपी का दूर-दूर तक कोई नाता नहीं।

केंद्र सरकार द्वारा जो किसान बिल लाया गया है वह पूरी तरह किसान विरोधी बिल है अगर बीजेपी को किसानों की इतनी ही फिक्र है तो किसान सम्मान निधि की राशि छत्तीसगढ़ के हर किसान के खाते में तय समय पर आती पर इससे विपरीत स्तिथि में है किसान सम्मान निधि की योजना जिलाध्यक्ष डॉ रश्मि चंद्राकर जी ने कहा कि सांसद चुन्नीलाल साहू जी जिस एमएसपी की बात कर रहे हैं वह बिल में क्यों नहीं इसका जवाब सांसद चुन्नीलाल साहू जी को छत्तीसगढ़ के किसानों को देना चाहिए।

केंद्र सरकार द्वारा जो कृषि बिल लाया गया है जिससे कि किसान दर बदर भटकने मजबूर होंगे किसानों की सुविधा के लिए उनके आसपास मंडी की व्यवस्था की गई तो क्यो किसान अपनी उपज बाहर जाकर बेचे सांसद चुन्नीलाल साहू जी किसान हितेषी होने का नाटक करना बंद करें तब कहां थे जब छत्तीसगढ़ में किसान आत्महत्या कर रहे थे तब कहां थे जब बीजेपी सरकार में छत्तीसगढ़ किसान किसानी छोड़ रहा थे।

छत्तीसगढ़ कांग्रेस सरकार में किसानों से वादा किया था आज उन वादों का फल है किसान कर्जा मुक्त हुए किसानों की आय बढ़ रही किसान फिर से किसानी की ओर लौट रहे आज छत्तीसगढ़ में किसान हितैसी कांग्रेस सरकार है यही वजहा है कि छत्तीसगढ़ का किसान आज खुश है जिला अध्यक्ष डॉ रश्मि चंद्राकर ने कहा केंद्र सरकार द्वारा जो कृषि बिल लाया गया है इससे किसान पूरी तरहा बड़े उद्योगपति के हाथों की कठपुतली बन जायेंगे उनकी उपज की कीमत वो अपने दर पर खरीदेगे जो कि किसानों के हित मे नही होगा।

भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर

पीजी पोर्टल में शिकायत के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय, जाँच प्रणाली में सुधार की आवश्यकता, आजादी के 79 साल बाद भी शिकायत के जाँच में स्वतंत्रता नही.


अन्य सम्बंधित खबरें