युवाओं ने दिखाई रक्तदान में जागरूकता, जिला चिकित्सालय में 40 युवाओं ने डिस्टेन्स बना कर किया रक्तदान
इन दिनांे जब कोविड-19 की महामारी समूचे विश्व में हावी
है। वहीं, जिला महासमुंद में सुरक्षा पैमाने को अपनाने वाले जागरूक आमजन
अपनी जिम्मेदारियों से कभी पीछे नहीं ते आज मंगलवार को यहाँ जिले के 55
जागरूक दानदाता रक्तदान पखवाड़े में महादान करने के लिए स्वयमेव जिला
चिकित्सालय पहुंचे। इस दौरान, चिकित्सालय प्रबंधन की ओर से सिविल सर्जन सह
मुख्य अस्पताल अधीक्षक डाॅ. एन. के. मंडपे, वरिष्ठ चिकित्सक डाॅ. एस. पी.
वारे एवं ब्लड बैंक अधिकारी पायथोलाॅजिस्ट डाॅ. विपिन बिहारी अग्रवाल ने
रक्तदानदाताओं की सराहना करते हुए अपनी मौजूदगी में सोशल डिस्टेन्सिंग का
पालन करते और करवाते हुए सुरक्षात्मक व्यवस्थाओं के साथ संजीदगी से आयोजन
संपन्न कराया। सिविल सर्जन डाॅ. मंडपे से मिली जानकारी के मुताबिक पूर्व
नियोजित रक्तदान मेगा शिविर में 55 रक्तदानदाताओं ने अपनी जांच करवाई। रक्त
परीक्षण उपरांत 40 दानदाताओं से 40 यूनिट रक्तदान लिया गया। डाॅ. वारे ने
रक्तदानदाताओं को उनके जैसे युवाओं को इस नेक कार्य में सहयोग देने के लिए
प्रेरित करने की ओर लक्षित हुए उन्हें बेहतर स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक सलाह
दी।
ब्लड बैंक अधिकारी
डाॅ. अग्रवाल ने बताया कि वर्तमान में दिनांक एक अक्टूबर से 15 अक्टूबर
2020 के बीच स्वैच्छिक रक्तदान पखवाड़ा मनाया जा रहा है। प्रतिदिन रक्तदान
लिए जाने की क्रिया भी जारी है। वहीं, मंगलवार को विशेष आयोजन सफलतापूर्वक
सम्पन्न हुआ। जिसमें महामाया सेवा समिति सहित स्थानीय आमजन ने बढ़-चढ़ कर
हिस्सा लिया। इसी तरह, आगामी 08 अक्टूबर को भी मेगा रक्तदान शिविर आयोजित
किया जाएगा। जिसमें, जिले की मां चंडी रक्तदान सेवा समिति एवं लाइफ लाइन
सेवा समिति के सदस्यों ने अपनी भूमिका सुनिश्चित की है। इस ओर, मुख्य
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. आर. के. परदल ने आमजन की ओर अपील जारी
की है कि इन दिनों जिले में स्वास्थ्य संबंधित समस्याएं अधिक हैं, इसलिए
हमें रक्तदान के लिए भी अधिक जोर लगाना होगा। बता दें कि कोविड-19 महामारी
के संक्रामक खतरे को देखते हुए जिला चिकित्सायल में आवश्यक प्रबंध किए गए
हैं। इस रक्तदान पखवाडे में सोशल दानदाताओं का विशेष खयाल रखा जा रहा है।
जिससे संक्रमण फैलाव का खतरा नहीं होगा। वही, रक्तदान पश्चात संग्रहित किए
गए रक्त को चार नग फ्रीजर्स में सुरक्षित तौर पर भंडारित किया जाएगा। जिसे
आवश्यकता होने पर जरूरतमंद मरीजों को निशुल्क उपलब्ध कराए जाने के प्रावधान
हैं।
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