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अब फ्रंट लाइन हेल्थ वर्कर्स की भी हो रही गैर संचारी रोग की स्क्रीनिंग : चिकित्सकों से लेकर स्टाफ नर्स और वार्ड ब्वाय तक सभी को समय पर स्वास्थ्य जांच कराने के लिए कहा गया

कोविड काल में आमजन को चिकित्सकीय सेवाएं प्रदाय करने वाले स्वास्थ्य अमले को स्वयं की सेहत का ख्याल रखने के लिए वक्त निकालना मुश्किल होता है। ऐेसे में, जिला स्वास्थ्य में मैदानी अमले के रूप में संवेदनशील क्षेत्रों में काम कर रहे स्वास्थ्यकर्मियों को चुस्त-दुरूस्थ रखने के लिए सरकार ने उनके स्वास्थ्य की टोह लेनी भी शुरू कर दी है। इस ओर, राज्य शासन से मिले निर्देशानुसार स्वास्थ्य अमले का भी स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री संदीप ताम्रकार ने बताया कि दिनांक 02 अक्टूबर से 23 अक्टूबर 2020 तक जिले में फिट हेल्थ वर्कर कैम्पेन क्रियान्वित रहेगा। जिसमें जिला मुख्यालय सहित सभी विकासखण्डों के समस्त सामुदायिक एवं प्राथमिक व उप-स्वास्थ्य केंद्रों तैनात स्वास्थ्यकर्मियों के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। सभी अधिकारी-कर्मचारियों की एन.सी.डी. यानी गैर संचारी रोग संबंधी स्क्रीनिंग की जाएगी और उनके शरीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को परख कर अनियमित रक्तचाप, मधुमेह और कैंसर जैसे विकारों के लिए जांच एवं उपचार की चिकित्सकीय सेवाएं प्रदाय की जाएगीं।

इसके लिए ऑनलाइन माॅनीटरिंग सिस्टम के जरिए प्रतिदिन की जांच-पड़ताल का पूरा ब्योरा भी रखा जाएगा। तत्संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. आर. के. परदल ने स्वास्थ्यकर्मियों में मितानिन से लेकर सैम्पल एकत्र करने वाले लैब तकनीशियन एवं क्लीनिकल यानी नैदानिकी चिकित्सा सेवाओं में संलग्न चिकित्सकों से लेकर स्टाफ नर्स और वार्ड ब्वाय तक सभी को निर्धारित समयावधि में स्वास्थ्य जांच कराने के लिए कहा है। उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस के संक्रामक दौर में गांव-गांव आमजन के घरों में जाकर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदाय कर रहे स्वास्थ्य अमले को ही संक्रमण होने की संभावना सबसे अधिक होती है। ऐसे में, उन्हें सेहतमंद रहने के लिए उचित खान-पान और दिनचर्या का पालन करते रहने के साथ-साथ सेवा प्रदाय करने के दौरान मास्क, हैंड रब सैनिटाइजर इत्यादि का इस्तेमाल करते रहने की सलाह भी दी जा रही है।

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