निजी स्कूल संचालकों को अब तक नहीं मिली आरटीई की राशि, परेशान स्कूल संचालको की सुध नही ले रही भूपेश सरकार.
बसना। एक ओर सरकार शिक्षा के अधिकार कानून के तहत सबको शिक्षा देने की बात कर रही है, दूसरी तरफ निजी स्कूलों को दी जाने वाली पुनर्भरण की राशि अब तक स्कूलों को नहीं मिली है। ऐसे में स्कूल संचालक परेशान हो रहे हैं। कई स्कूलों की तो विभाग को शिकायत भी मिली है कि वे इस सत्र में बच्चों को पढ़ाने में आनाकानी कर रहे हैं या फिर उनसे फीस की राशि मांग रहे हैं।
गौरतलब है कि प्राईवेट स्कूल एसोसिएशन सरायपाली के अध्यक्ष रामनारायण आदित्य के नेतृत्व में प्राईवेट स्कूल को वर्ष 2019-20 का आरटीई राशि प्राप्त नही होने व शासन से प्राप्त पुस्तक की राशि को निःशुल्क करने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नाम कलेक्टर महासमुन्द को व अनुसूचित जनजाति उपाध्यक्ष एवं सरायपाली विधायक किस्मत लाल नंद को ज्ञापन सौंपा गया। वहीं आरटीई के तहत राशि जारी नही होने से परेशान निजी स्कूल संचालकों ने जिला शिक्षा अधिकारी महासमुन्द को ज्ञापन देकर भुगतान करने के लिए कहा गया।
इस दौरान प्राईवेट स्कूल एसोसिएशन सरायपाली से अनुराग मशी, नीरज सिंह, मनोज प्रधान, विमेन मिश्रा, बसना ब्लॉक से आरके दास, ईश्वर भारद्वाज, पंकज कुमार नायक , पिथौरा ब्लॉक से हरिहर पटेल, दीपक साव व अन्य की उपस्थिति में ज्ञापन सौंपा गया।
विधायक किस्मत ने दिया आश्वासन
अनुसूचित जनजाति उपाध्यक्ष एवं सरायपाली विधायक किस्मत लाल नंद ने निजी स्कूलों को भुगतान करने के संबंध में मुख्यमंत्री से बात रखने और जल्द राशि जारी करवाने का आश्वासन दिया गया।
कोरोना के चलते नुकसान झेल रहे निजी स्कूल संचालक
इधर लाकडाउन के चलते प्राइवेट स्कूल संचालकों को नुकसान झेलना पड़ रहा है। वहीं सरकार का भी ध्यान नही है। बतादे कि महासमुंद जिले के 224 स्कूलों को आरटीई के तहत बकाया राशि नहीं मिल पाई है। स्कूल संचालक सरकार से बकाया राशि की मांग कर रहे हैं, लेकिन यह राशि नहीं मिल पा रही है। सरकार के रवैये से स्कूल संचालक परेशान है। कोरोना संक्रमण के कारण देशभर में लॉकडाउन किया गया। इससे प्राइवेट स्कूलों को आर्थिक नुकसान हुआ।
ये है नियम
शिक्षा के अधिकार कानून के तहत निजी स्कूलों में पढ़ने वाले दुर्बल व असुविधा ग्रस्त समूह के विद्यार्थियों को सरकार की ओर से 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों पर प्रवेश दिया है। इसका पैसा सरकार देती है, लेकिन इस बार 2019—20 का अभी तक महासमुंद जिले में भुगतान नहीं हुआ है। जबकि भुगतान की पहली किश्त मिल जानी चाहिए थी, लेकिन अब तक नही मिली।
"शासन से पत्र लिखकर आरटीई के तहत शेष राशि की मांग की गई है, जैसे ही आएगा सभी निजी स्कूलों को राशि जारी कर दिया जाएगा"
~रॉबर्ट मिंज, जिला शिक्षा अधिकारी महासुमन्द