कोरोना से ज्यदा घातक मानसिक रोग-डॉ. छत्रपाल
कोरोना से ज्यदा घातक हो गई है मानसिक रोग बिमारी। कोरोना जितना नुकसान इंसान के शरीर व अर्थ व्यवस्था को पहुंचाई है, उससे दूगने रफतार से मानसिक स्वास्थ्य को पहुंचाई है। इसका असर कोरोना के जाने के बाद भी सालों तक रहेगी। इससे उबरने के लिए दुनिया के लिए चुनौती बन गया है। 10 अक्टुबर को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर आयोजित मानसिक रोग निवारण शिविर में प्रशिक्षित मनोचिकित्सक डॉ. छत्रपाल चंद्राकर ने कहा।
10 अक्टुबर को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर जिला चिकित्सालय महासमुंद में मानसिक रोग निवारण शिविर का आयोजन किया गया। डॉ. आर के परदल मुख्य चिकित्सा एंव स्वास्थ्य अधिकारी. मनोरोग विभाध्यक्ष डॉ. छत्रपाल चंद्राकर, श्री संदीप ताम्रकार डीपीएम ने शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि वैश्वीक महामारी कोरोना से ज्यदा घातक मानसिक रोग बिमारी हो गई है। कोरोना जितना नुकसान इंसान के शरीर व अर्थ व्यवस्था को पहुंचाई है, उससे दूगने से भी रफतार से मानसिक स्वास्थ्य को पहुंचाई है। पुरे दूनिया के लिए मानसिक रोग एक चुनौती बन गई। डॉ. चंद्राकर ने बताया कि वैकसीन आने के बात कोरोना से काबु पा लेंगे, लेकिन इस बिमारी के कारण मानसिक स्वास्थ्य जितना नुकसान हुआ है। इससे उबरने के लिये कई वर्ष लग सकती हैं। कोरोना से ग्रसित मरीज मानसिक तनाव में आकर मानसिक रोग से पीड़ित तो है ही साथ ही उनके परिजन, समाज, राज्य, देश के साथ पुरी दुनिया मानसिक समस्या से प्रभावित है।
समाज में मिले सम्मान, सामाजिक दुरी बडने से और ज्यादा ग्रसित मानसिक रोग हो रहे है।
मनोरोग सामाजिक कार्यकर्ता रामगोपाल खुटे ने मनोरोगियों को तनाव दुर करने के उपाय बताने के साथ सकारात्मक सोच रखने के लिए प्रेरित किया गया। रोगियों को समाजिक रूप से भेद भाव न कर उन्हें प्रेरित कर समाज में समान व्यवहार करें।
करें नियमित योगासन
तनाव दुर करने के लिए नियमित योगासन करने एवं विशेष रूप से कपालभारती, अनुलोम विलोम, प्रणायाम व भ्रामरी योग करने के लिए प्रेरित किया योग प्रशिक्षक देव कुमार डडसेना ने कहा ।
केस 1:-नाम रोहित परिवर्तित नाम मानसिक स्वास्थ्य निति 2017 के तहत उम्र 61 वर्ष पुरूष गा्रमीण एरीया में रहते ह।ै आिंर्थक रूप से मध्यम परिवार है, कूछ दिनो से सर्दी, बुखार, निंद की समस्या थी और डरे डरे जैसे व्यवहार कर रहा है। अभी कोरोना होने के डर से उसको तनाव हो रहा है, चिकित्सक से कोरोना जांच हुआ है । जांच पाजिटीव आया है। उसे कोविड सेंटर में रखा गया है। उन्का कोविड ईलाज के साथ साथ मानसिक तनाव का इलाज चालु किया गया हेै।ै साथ ही मनोसामाजिक रूप से परिवार को परामर्श दिया गया है। अभी वह घर में है। धिरे धिरे तनाव कम है। नियमित इलाज चल रहा है।
केस 2:-नाम गनपत परिवर्तित नाम मानसिक स्वास्थ्य निति 2017 के तहत उम्र 35 साल, मध्यम वर्गीय परिवार से है, यह पेशे से फुटवियर का दुकान है, प्रारम्भ में उन्की मानसिक स्थीति बदलाव आया जैसे अजिब सा डर लगना, घबराना, चौक जाना, आवाज सुनाई देना, मन दुःखि होना, काम काज में मन नही लगना, परिवार से अलग थलग रहना जैसे लक्षण दिखाई दे रहा था। आगनबाडी कार्यकर्ता से सम्पर्क में आया उसके बाद जिला अस्पताल स्पर्श कलीनिक में मनोरोग सामाजिक कार्यकर्ता परामर्श लेने के बाद चिकित्सक से दवाई नियमित चलने लगा आज वह ठिक होने लगा है।
केस 3:-नाम तिरथबाई परिवर्तित नाम मानसिक स्वास्थ्य निति 2017 के तहत उम्र 27 वर्ष महिला, जो कि ग्रामीण क्षेत्र में निवास करती हैं। स्कुल शिक्षा हायर सेकेन्ड्री की है, बेरोजगार है। इनका विवाह हुऐ 2 वर्ष हुए है आर्थिक स्थीति ठीक न होने के कारण आगे कि शिक्षा नही हो पायी। यह पिछले कुछ दिनो से मानसिक रूप से परेशान हो रही हे काम में मन नही लगना, मन दुखि होना का, निंद ना आना व आसमान्य व्यवहार कर रही है। जिसे लेकर उन्के पति चितंतित है। यह पिछले 5 माह से ऐसे समस्या से परिवार परेशान है। जिसे लेकर स्वास्थ्य कार्यकर्ता स्पर्श कलीनिक जिला अस्पताल महासमुन्द में लाए है इनका ईलाज चलरहा है। परापर मनौसामाजिक रूप से परामर्श दिया जा रहा हे। यह अभि स्वस्थ्य है।
जिला चिकित्सालय महासमुन्द स्पर्श कलीनिक में प्रति सप्ताह शुक्रवार एवं शनिवार को मानसिक स्वास्थ्य शिविर लगाया जाता है।10 अक्टुबर को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस शिविर शुक्रवार एवं शनिवार दो दिवस में 75 मानसिक रोग मरीज मिले है जिन्ह्रे निशुल्क दवाई के साथ परामर्श दिया गया है। जिले में अभी तक कुल 3467 मानसिक रोग मरीजो निंशुल्क दवाई के साथ परामर्श दी गई है। कोविड 19 के 3662 मरीज में से 180 लोगो में जो मानसिक रूप से तनाव ग्रस्त पाया है। उन्हे परिवार परामर्श टेलिफोन के माध्यम से मनोरोग सामाजिक का्रर्यकर्ता एंव मनोवैज्ञानिक द्वारा परामर्श दिया गया है। मानसिक रोग विभाग में सुश्री टिकेश्वरी गिरी गोस्वामी मनौवैज्ञानिक , कु जाग्रति साहु स्टांफ नर्स , टेकलाल नायक मानिटरिग टीम सभी सहयोग है।