कोरोना संक्रमितों की खोज में 12 अक्टूबर 2020 तक जारी रहेगा घर पहुंच सेवा वाला कोरोना सघन सामुदायिक सर्वे अभियान
लक्षणों की अनदेखी और उपचार लेने में विलंब की वजह से बढ़ी कोविड मृत्यु दर, अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से संयुक्त अपील की है कि यदि आपको सर्दी, खांसी, बुखार, उल्टी, छाती में दर्द या सांस लेने में तकलीफ है तो बिना देर किए तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र जाएं और कोविड-19 की जांच अवश्य कराएं
कोविड-19 की बीमारी में जरा सी लापरवाही भी इस कदर हावी हो
सकती है कि देर से जांच व इलाज कराने वाले मरीजों के मामलों में तमाम
जीवनरक्षक उपचार लिए जाने के बावजूद उन्हें बचाना कठिन हो जाता है। प्रदेश
स्तर पर हाल में किए गए आंकलन से पता चला है कि वर्तमान में महासमुंद भी उन
शीर्षस्थ पांच जिलों में है, जहां कोविड-19 पीड़ितों की मृत्यु सबसे अधिक
हुई है। जिसके मद्देनजर कलेक्टर कार्तिकेया गोयल ने स्थानीय नागरिकों
को फिर एक बार सतर्क करते हुए कोविड-19 संक्रमण चेन तोड़ने की दिशा में
सहयोग करने की अपील की है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. आर.
के. परदल ने बताया कि इन दिनों कोरोना संक्रमण की वैश्विक महामारी पीक पर
आने की ओर दिख रही है। अब तक जिले में कोविड-19 के धनात्मक प्रकरणों में
होने वाली मृत्यु का आंकड़ा 54 की संख्या तक आ पहुंचा है। जिसका मूल कारण
लापरवाहीपूर्वक लक्षणों को छिपाना होता है।
उन्होंने कहा है कि अब तक हुई
मौतों में अधिकांश प्रकरण ऐसे रहे जिन्हें कोविड-19 के अतिरिक्त अनियमित
रक्तचाप, मधुमेह, किडनी या लिवर के पुराने रोग सहित पहले से ही पुरानी
बीमारियों से जूझ रहे थे।वहीं तुलनात्मक आंकड़ा बताता है कि इनके अलावा
कोविड-19 महामारी के संबंध में फैली भ्रांतियों के चलते कई लोगों ने लक्षण
होने के बाद भी समय पर जांच नहीं कराई और उनकी बीमारी बढ़ गई। देखा गया है
कि बीमारी में जब पीड़ा असहनीय हो गई यानी सांस लेने में तकलीफ और उल्टी
सहित सिर दर्द, नाक बहने की परेशानी ने शरीर को निमोनिया एवं अन्य पुरानी
बीमारियों के साथ बुरी तरह जकड़ लिया तब जाकर लोगों ने कोविड की जांच कराई।
लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। जिला ही नहीं अपितु प्रदेश के बड़े
चिकित्सालयों में चले अद्यतन जीवनरक्षक उपचार के बाद भी कुछ मरीजों ने दम
तोड़ दिया।
डाॅ. परदल के मुताबिक कोविड-19 संक्रमण प्रसार की श्रृंखला को
तोड़ने के लिए समुदाय स्तर पर लक्षणात्मक मरीजों की त्वरित पहचान कर उनकी
कोविड-19 जांच पश्चात धनात्मक पाए जाने पर आइसोलेट एवं उपचार किया जाना
आवश्यक है। इसके लिए जिले के सभी शहरों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर
भ्रमण कर कोरोना संघन सामुदायिक सर्वे अभियान 12 अक्टूबर तक चलाया जा रहा
है। अब केवल दो ही दिन शेष हैं इसलिए सर्वे अभियान में आपके क्षेत्र में
सभी परिवारों के पूर्ण आच्छादन के लिए भरपूर सहयोग करें।
एक लाख 97 हजार परिवारों में दी जा चुकी है दस्तक
कोरोना
वायरस नियंत्रण एवं रोकथाम दल के नोडल अधिकारी डाॅ. अनिरूद्ध कसार ने
बताया कि जिले में 05 अक्टूबर 2020 से शुरू हुए कोरोना सघन सर्वे अभियान
में पहले दिन से लेकर अब तक कुल एक लाख 97हजार 28 घरों में दस्तक दी जा
चुकी है। इनमें 1,694 लक्षण सहित एवं 5,69 उच्च जोखिम वाले संदिग्ध मरीजों
में 1,635 की कोविड-19 जांच की गई। इनमें 71 को कोविड-19 से धनात्मक पाए
जाने पर उनके स्वास्थ्य की वर्तमान स्थिति एवं कोविड-19 नियमावली के अनुरूप
बिना लक्षण वाले धनात्मक मरीजों के लिए होम आइसोलेशन कम लक्षण वाले मरीजों
के लिए क्रिटिकल कोविड केयर सेन्टर्स एवं गंभीर प्रकरणों में डेडिकेटेड
कोविड अस्पताल में उपचार की सेवा सुविधाएं उपलब्घ कराई जा रही हैं।
सर्वे दल घरों में बांट रहे जानकारी पाॅम्प्लेट्स
जिला
कार्यक्रम प्रबंधक ने बताया कि क्षेत्र की मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता
सहायिका, स्वास्थ्य व नगरीय निकाय का मैदानी अमला घर-घर जाकर कोविड-19
संक्रमण के लक्षण, रोकथाम और बचाव के उपाए तो बतलाए ही जा रहे हैं साथ में
जांच से लेकर उपचार तक उपलब्ध कराई जा रही निशुल्क स्वास्थ्य सुविधाओं के
बारे में पाॅम्प्लेट्स के जरिए लिखित रूप में भी जानकारी प्रदाय की जा रही
है। जिसमें होम आइसोलेशन कंट्रोल रूम के नंबर 82693-79405 एवं
07723-222100/222101 भी अंकित हैं। यहां कभी भी-किसी भी समय काॅल मिला कर
आपेक्षित मदद ली जा सकती है।
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पीजी पोर्टल में शिकायत के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय, जाँच प्रणाली में सुधार की आवश्यकता, आजादी के 79 साल बाद भी शिकायत के जाँच में स्वतंत्रता नही.
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