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बैंक में सामान्य लेनदेन को रिश्वत बता कर शाखा प्रबंधक और भृत्य को किया गिरफ्तार !

महासमुंद जिले के सिंघोड़ा में 09 अक्टूबर 2020 को ACB ने छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक के मैनेजर व सहायक चौकीदार को किसान से 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। वही छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैक ऑफिसर्स एवं एम्प्लाइज असोसिएशन का कहना है कि 9 अक्टूबर 2020 दिन शुक्रवार को छ.ग. राज्य ग्रामीण बैंक की शाखा सिघोडा के शाखा प्रबंधक मनीष और भृत्य हेमलाल को बिना किसी आधार और बिना कारण के जिला एंटी करप्शन ब्यूरो द्वारा गिरप्तार कर भष्टाचार अधिनियम के अंतर्गत रंगे हाथ घोषित किया है। यह कार्यवाही पूर्णतः बेमानी और पडयंत्र का हिस्सा है। तथ्यों को जाने समझे बिना किसी ईमानदार अधिकारी जो अपना काम नियमानुसार कर रहा है। उसे परेशान करने और बेईमान बनाने का स्पष्ट उदाहरण है।

वास्तविक स्थिति इस प्रकार है कि संतराम और उसकी मां का सिघोडा शाखा में केसीसी ऋण हैं। जिसमे ऋण बकाया है और कर्ज शेष होने के कारण उसकी कृषि भूमि पर भुइयां पोर्टल में बैंक का प्रभार दर्ज हैं। संतराम को बताया गया था । की कर्ज अदा करने के बाद भुइयां पोर्टल से कृषि भूमि पर प्रभार हटा दिया जायेगा। इसी काम के लिए संतराम ने 09 अक्टूबर को रकम लेकर बैंक आया और प्रचलित परम्परा अनुसार बैंक के भृत्य हेमलाल को ऋणपुस्तिका देकर रकम जमा करने को दे दिया। भृत्य ने रकम कैश काउंटर में जमा करने दे दिया। ऋणपुस्तिका शाखा प्रबंधक को चेक कराने के लिए दे दिया ।

इसी बीच एंटी करप्शन ब्यूरो के अधिकारियों ने बैंक आ कर भृत्य और शाखा प्रबंधक को गिरप्तार कर लिया । उन्हें बताया भी गया कि हम मे से किसी ने कोई रिश्वत नही लिया है। बैंक के सामान्य लेनदेन को रिश्वतखोरी बता कर शाखा प्रबंधक और भृत्य को गिरफ्तार कर लेने से सभी छत्तीसगढ़ के बैंक कर्मी दहशत में है। इस प्रकार की कार्यवाही घोर निंदनीय हैं। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक के अधिकारी कर्मचारी इसकी भर्तसना करते हैं। सभी कर्मचारियों ने शासन प्रशासन से मांग करते हुए कहाँ की कर्मचारी को तत्काल बाइज्ज रिहा किया जाए। साथ ही पंडयंत्र करने वाले अवांछित तत्वों का पता लगाकर उनके विरुद्ध कड़ी कार्यवाही करें। अगर ऐसा नही हुआ तो छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक के समस्त अधिकारी और कर्मचारी संगठन संयुक्त रूप से बैंक का काम काज ठप्प कर आंदोलन का रास्ता अख्तियार करना पड़ेगा । जिसके लिए शासन प्रशासन खुद जिम्मेदार रहेगा।

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