महिला एवं बाल विकास सचिव ने की विभागीय काम-काज की समीक्षा : समीक्षा से पहले सचिव श्री प्रसन्ना आर. ने जिले के तीन आंगनबाड़ी केन्द्रों का किया निरीक्षण
महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव प्रसन्ना आर. ने आज महासमुन्द
जिले के भ्रमण पर थे। उन्होंने महिला एवं बाल विकास के जिला स्तरीय काम-काज
की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि महिला और बच्चों की पोषण और सुरक्षा
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की प्राथमिकता में है। समीक्षा बैठक में
उन्होंने कोविड-19 को ध्यान में रखते हुए महिला और बच्चों का पोषण प्रभावित
न हो इसके लिए शासन स्तर पर आवश्यक निर्देश भी दिए हैं। कोरोना संक्रमण को
देखते हुए मैदानी स्तर पर महिलाओं और बच्चों तक योजनाओं का लाभ सुगम तरीके
से पहुंचे यह हम सब की जिम्मेदारी हैं। समीक्षा बैठक में कलेक्टर
कार्तिकेया गोयल, महिला बाल विकास संचालक दिव्या उमेश मिश्रा,
प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. आर.के. परदल, महिला एवं
बाल विकास अधिकारी मनोज सिन्हा, सहायक संचालक सुधाकर बोदले सहित
जिले के महिला एवं बाल विकास पर्यवेक्षक उपस्थित थे।
सचिव आर. प्रसन्ना ने जिले में रिक्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका के पदों को जल्द से जल्द से जल्द प्रक्रियाधीन कर भर्ती करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने कार्यकर्ताओं और सहायकों का मानदेय समय पर भुगतान करने की बात कही। उन्होंने कलेक्टर से कहा कि पुराने और क्षतिग्रस्त आंगनबाड़ी भवनों के राईट ऑफ़ और विभाग के सरकारी भवनों को भी राईट ऑफ़ प्रक्रिया संबंधित विभाग के अधिकारियों से कराने को कहा।
कलेक्टर कार्तिकेया गोयल ने जिले
में मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान की कम्प्यूटर आधारित प्रस्तुतिकरण के जरिए
विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने जिले में चलाए जा रहें कार्यक्रम (मिशन
3.5) की विस्तार से जानकारी दी।

सचिव ने समीक्षा बैठक से पहले महासमुन्द जिले की ग्राम मुस्की आंगनबाड़ी केन्द्र और पिथौरा के ग्राम कुहरी और गोड़बहाल आंगनबाड़ी केन्द्रोें का अवलोकन किया और जरूरी सुविधाओं को देखा। सचिव महिला एवं बाल विकास ने मुख्यमंत्री सुपोषण का संचालन, पूरक पोषण आहार का वितरण, रेडी-टू-ईट की गुणवत्ता की जाॅच की। इस दौरान उन्होंने गर्भवती महिलाओं के घर जाकर उनसे बातचीत की और उनकी पोषण को भी देखा। इसके साथ ही उन्होंने हितग्राही महिलाओं से रेडी-टू-ईट और टेक होम राशन मिलने सहित अन्य बातों की जानकारी ली। ग्राम गोड़बहाल में गर्भवती महिलाओं की हीमोग्लोबीन की चल रही जाॅच के बारें में जानकारी ली। इस मौके में उन्होंने गर्भवती महिलाओं से बातचीत की। इसके साथ ही उन्होेंने स्वास्थ्य और महिला कार्यकर्ताओं से भी चर्चा की।
उन्होंने निरीक्षण के दौरान एक महिला
हितग्राही श्रीमती राजेश्वरी के घर जाकर रेडी-टू-ईट को चखकर प्रारम्भिक
गुणवत्ता की भी जाॅच की। उनके साथ आए अधिकारियों की टीम ने महासमुन्द जिले
सहित बागबाहरा विकासखण् महिला ड का भ्रमण कर योजनाओं के क्रियान्वयन की
वस्तुस्थिति की जानकारी ली। एवं बाल विकास विभाग की संचालक श्रीमती
दिव्या उमेश मिश्रा ने जिले के बाल विकास परियोजना क्षेत्रों का भ्रमण कर
हितग्राहियों से चर्चा की और आॅेगनबाड़ियों केन्द्रों और स्व-सहायता समूहों
की कार्याें का निरीक्षण भी किया। उन्होंने पूरक पोषण आहार की गुणवत्ता और
पात्र हितग्राहियों को विभाग की योजनाओं का लाभ संबंधित जानकारी दी तथा
मौके पर भौतिक सत्यापन भी किया।
