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रायगढ़ में अपर कलेक्टर रहें अहिरवार को संस्पेड करने व डिमोशन की अनुशंसा किरणमयी ने मुख्य सचिव से की...

महिला आयोग ने पिछले साल रायगढ़ में अपर कलेक्टर रहें सुखनाथ अहिरवार को संस्पेड करने व डिमोशन किये जाने की अनुशंसा सरकार से की हैं उन पर पत्नी की पिटाई और बच्चों को कब्जे में रखने का आरोप हैं राज्य महिलाआयोग ने 14 अक्टूबर को इस मामले में सुनवायी की थी जिसमें अहिरवार पर लगाये गये सभी आरोप सही पायें गये उनकी पत्नी ने रायगढ़ में कार्यकाल के दौरान पिछले साल नवंबर में चक्रधर नगर पुलिस थाने में पति व ससुराल वालों पर मानसिक व शारीरिक रुप से प्रताड़ित किये जाने की शिकायत की थी जिसकी कापी महिला आयोग को दी गयी उसी पर सुनवायी के लिये पहले 9 अक्टूबर को सुनवायी होनी थी. लेकिन अहिरवार कोरोना डियूटी में होने का हवाला देकर उस समय पेश नहीं हुये उसके बाद 14 अक्टूबर को सुनवायी रखी गयी जिसमें उनहें दोनों बेटियों के साथ उपस्थित होना था लेकिन वे अकेले ही आये सुनवाई के दौरान अपर कलेक्टर ने महिला आयोग की अध्यक्ष डा. किरणमयी नायक को भी धमकाने की कोशिश की सुनवाई के दौरान पत्नी की सभी शिकायतें सही पायी गयी, जबकि अपरलेक्टर सुनवाई के दौरान गैर जिम्मेदाराना तरीके से जवाब देते रहे महिला आयोग ने बेहद ही तल्ख टिप्पणी उनके खिलाफ की है चीफ सेकेट्री को भेजी हैं जिसमें अहिरवार को संस्पेड कर डिमोशन किये जाने की अनुशंसा की गयी हैं छत्तीसगढ़ में पहला ऐसा मामला है जिसमें किसी प्रशासनिक अधिकारी के खिलाफ इतनी तल्ख टिपणी की गयी हैं अहिरवार इस समय कांकेर में पदस्थ हैं.

"अध्यक्ष किरणमयी की अनुशंसा"

" सुखनाथ अहिरवार अपर कलेक्टर कोरिया के द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग द्वारा की जा रही सुनवाई की न्यायालीन प्रक्रिया में महिला आयोग के क्षेत्राधिकार को चुनौती देना , महिला आयोग की अधिकारिता को इंकार करना और न्यायालीन क्षेत्राधिकार के तहत की जा रही कार्यवाही से पूर्णत: असहयोग करना और आदेश का अपालन कर अमर्यादित आचरण कर शिकायतकर्ता पत्नी को महिला आयोग के समक्ष चुनौती देकर प्रताड़ित करने के संबंध में तत्काल प्रभाव से सुखनाथ अहिरवार अपर कलेक्टर जिला कोरिया को निलंबित किया जाकर उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी विभागीय कार्रवाई किया जाकर इनको पदावनत किये जाने की अनुशंसा की जाती है"


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