महासमुंद जिले में 94 हजार से अधिक हितग्राहियों को मिल रहा विभिन्न पेंशन योजनाओं का लाभ, समाज कल्याण विभाग द्वारा जिले के दिव्यांगजनों को विभिन्न योजनाओं से किया जा रहा है: लाभान्वित
महासमुंद जिले में राज्य एवं कि केन्द्र सरकार की विभिन्न पेंशन
योजनांतर्गत पात्र 94 हजार 887 हितग्राहियों को पेंशन का लाभ मिल रहा है।
सामाजिक सुरक्षा पंेशन योजनांतर्गत 27 हजार 207 हितग्राहियों को, सुखद
सहारा में 27 हजार 207 हितग्राही, सुखद सहारा योजनांतर्गत 09 हजार 217
हितग्राही, मुख्यमंत्री पेंशन योजना के तहत 12 हजार 253 हितग्राही, इंदिरा
गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजनांतर्गत 36 हजार 315 हितग्राही,
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजनांतर्गत 08 हजार 906 हितग्राही एवं
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजनांतर्गत 989 हितग्राही इस
प्रकार कुल 94 हजार 887 हितग्राही योजनावार लाभावान्वित हुए है।

उप
संचालक श्रीमती संगीता सिंह ने जानकारी में बताया कि इसके अलावा जिले में
निराश्रित एवं निर्धन व्यक्तियों की सहायता अधिनियम के प्रावधानों के
अनुरूप निराश्रित, निर्धन, दिव्यांग एवं वरिष्ठ नागरिकों के सामाजिक एवं
आर्थिक पुनर्वास के लिए सहायता प्रदान की जा रही है। जिसके तहत दिव्यांग
व्यक्ति (समान अवसर, अधिकारों का संरक्षण एवं पूर्ण भागीदारी) अधिनियम 2016
के अनुसार दिव्यांग व्यक्तियों के सामाजिक एवं आर्थिक पुनर्वास तथा उनकी
दिव्यांगता कम करने एवं चलनशीलता को गतिमान प्रदान करने के उद्देश्य से
कृत्रिम अंग उपकरण प्रदान किए जा रहे है।
उन्होंने बताया कि
हितग्राहीमूलक योजनाओं में गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले
निराश्रित, निर्धन व्यक्ति एवं दिव्यांगजनों के लिए विभिन्न योजनाओं का
संचालन कर हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा रहा है।

इसी प्रकार राष्ट्रीय
परिवार सहायता योजनांतर्गत 60 हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। जिसमें
प्रति हितग्राही 20 हजार रूपए के मान से कुल 12 लाख रूपए प्रदाय किया गया
है। इसी प्रकार दिव्यांगजन छात्रवृत्ति योजना के तहत 634, दिव्यांगजन विवाह
प्रोत्साहन योजनांतर्गत 30, दिव्यांगजन सिविल सेवा प्रोत्साहन योजनांतर्गत
02, दिव्यांगजन उच्च शिक्षा प्रोत्साहन योजनांतर्गत 22 दिव्यांग हितग्राही
लाभान्वित हुए। राष्ट्रीय वयोश्री योजनांतर्गत 543 वृद्धजनों का चिन्हांकन
एवं उन्हें सहायक उपकरण प्रदान किया गया है। इसके अलावा दिव्यांगजन
कृत्रिम अंग उपकरण प्रदाय योजना के तहत 215 दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग
प्रदान किया गया। यू.डी.आई.डी. परियोजनांतर्गत 08 हजार 728 दिव्यांगजनों को
दिव्यांगजन कार्ड प्रदान किया गया और तृतीय लिंग कल्याणार्थ योजनांतर्गत
कुल 40 तृतीय लिंग व्यक्तियों को पहचान पत्र जारी किया गया है।
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