बसना नगर के माँ समलेश्वरी मंदिर में 337 ज्योति कलश प्रज्ज्वलित, शासन के नियमों का किया जा रहा है पालन
नंदलाल मिश्रा. शरदीय नवरात्रि पर्व में कोरोना वायरस महामारी के संक्रमण के बचाव के मद्देनज़र प्रशासन द्वारा जारी की गई गाइडलाइन के चलते भले ही आयोजनों की भव्यता पर कमी आई है। लेकिन श्रद्धा एवं आस्था में कोई कमी नहीं आई है। बड़े-बड़े देवी मंदिरों में हजारों लोगों ने मनोकामना ज्योति कलश स्थापित कराए हैं। बड़े-बड़े मंदिरों में दर्शनार्थियों की प्रवेश पर प्रतिबंध लगाए जाने से दर्शनार्थियों में निराशा के साथ साथ आक्रोश भी परिलक्षित हो रहा है।
बसना नगर के हृदय स्थल में मां समलेश्वरी मंदिर में शासन के नियमानुसार पूजा पाठ का आयोजन चल रहा है। नवरात्रि में 337 ज्योति कलश श्रद्धालुओं द्वारा प्रज्वलित कराए गए हैं।मंदिर के पुजारी खेलकुमार पाणिग्राही से प्राप्त जानकारी के अनुसार मां समलेश्वरी मंदिर बसना में प्रशासन द्वारा नवरात्रि पर्व मनाए जाने की जारी की गई गाइडलाइन का पालन करते हुए मंदिर में पूजा पाठ की जा रही है।तथा दर्शन- पूजन हेतु दर्शनार्थियों को मंदिर प्रवेश कराई जा रही है। मंदिर समिति द्वारा शासन के गाइड लाइन के अनुसार सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए दर्शनार्थियों को मास्क प्रदान करते हुए, सैनिटाइजर की पूरी व्यवस्था, हाथ धोने के लिए पानी एवं वाशबेसिन की व्यवस्था कर दी गई है।

माँ समलेश्वरी मंदिर समिति के सचिव सूर्य नारायण अग्रवाल ने बताया की मां समलेश्वरी मंदिर में प्रशासन की गाइड लाइन का पालन करते हुए नियमानुसार पूजा पाठ करते हुए, श्रद्धालुओं को मंदिर में आने जाने की छूट दी गई है। श्री अग्रवाल ने आगे बताया कि श्रद्धालुओं को भीड़ से बचने एवं सोशल डिस्टेंस का पालन करने का सख्त निर्देश दिया जा रहा है। समिति के सचिव श्री अग्रवाल ने आगे बताया कि मां समलेश्वरी मंदिर में 337 ज्योत जलाए गए हैं, जिसमें 11 ज्योत घी के हैं।श्री अग्रवाल ने आगे बताया कि मंदिर में प्रवेश करने वाले सभी श्रद्धालुओं का सेनीटाइज किया जा रहा है। शासन के निर्देशानुसार श्रद्धालुओं एवं भक्तों पर विशेष रूप से निगरानी रखी जा रही है। एक साथ अधिक भक्तों के पहुंचने पर उनके लिए निर्धारित दूरी में गोला बनाया गया है। आरती के समय भी सोशल डिस्टेंसिंग का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। माता के दर्शन के लिए पहुंचने वाले सभी भक्तों का विशेष ध्यान समिति द्वारा रखा जा रहा है।
गौरतलब हो कि इस बार ज्योति जँवारा स्थापित कर सादगी से
निर्धारित नियमों के तहत बगैर किसी शोर-शराबे के पर्व मनाते देखा जा रहा
है। जिस के कारण इस नवरात्रि में पहले की तरह इस बार भीड़ भाड़, धूम धड़ाका
आयोजन देखने को नहीं मिल रहा है। मां समलेश्वरी मंदिर समिति के अध्यक्ष
रामरतन अग्रवाल ने बताया कि सुबह शाम आरती के अलावा किसी प्रकार के
सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन नहीं होंगे।
