आरक्षक की नौकरी लगाने के नाम पर धोखाधड़ी
महासमुंद के एक ठग ने पुलिस विभाग में नौकरी लगाने के नाम पर बेरोजगार युवक से ढाई लाख रुपए ठग लिए। आरक्षक पद के लिए फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार कर उसे थमा भी दिया। डीआईजी के फर्जी साइन करके युवक को नौकरी ज्वाइन करने के लिए भेज दिया। युवक जब आमद देने पहुंचा तो पता चला कि वह ठगी का शिकार हो गया है। पैसे लेने के बाद से ठग ने युवक से संपर्क तोड़ दिया। रानीतराई पुलिस ने बुधवार देर रात सरोज की शिकायत पर आकाश चंद्राकर के खिलाफ आईपीसी की धारा 468, 420 के तहत केस दर्ज किया है।
पुलिस के मुताबिक सरोज ने अपने भतीजे नवीन की पुलिस विभाग में नौकरी लगाने
के लिए आरोपी से संपर्क किया था। दोनों में नौकरी लगाने के नाम पर ढाई लाख
रुपए में सौदा हुआ। दोनों के बीच वर्ष 2018 में रुपयों का लेनदेन हो गया।
आरोपी ने 22 अगस्त को फर्जी नियुक्त पत्र बनाकर नवीन को सोशल मीडिया के
माध्यम से शेयर कर दिया। आरोपी ने उसे बताया था कि पुलिस मुख्यालय में
डीआईजी ऑफिस जाकर ज्वाइन करना है। सात महीने तक ट्रेनिंग होगी। इसके बाद
पोस्टिंग मिलेगी। अपॉइंटमेंट लेटर लेकर जब नवीन नौकरी ज्वाइन करने पहुंचा
तो उसे धोखाधड़ी का पता चला। पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है। अब तक इस मामले
में आरोपी पुलिस गिरफ्त से बाहर है।