सरपंच-सचिव पर दंडात्मक कार्यवाही करने की मांग, दोषी पाए जाने के बाद भी नही हुई है कार्यवाही.
कोरोना काल मे कवारेंटिंन सेंटर में रह रहे मजदूरों के नाम से फर्जी मस्टरोल बनाकर मनरेगा में कार्य दिखा और फर्जी हस्ताक्षर के सहारे मेढापाली के सरपंच मेघनाथ पटेल और सचिव द्वारा फर्जी मस्टरोल बनाकर रकम आहरण करने का मामला सामने आया था.
मामले की शिकायत के बाद जाँच में कवारेंटिंन सेंटर में
रह रहे मजदूरों के नाम से फर्जी आहरण और फर्जी हस्ताक्षर करने के दोषी पाए जाने से
कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था. जिसके बाद जनपद सीईओ
को सरपंच-सचिव ने अपना पक्ष दिया था.
अब इस मामले में जनपद सीईओ बसना सनत महादेवा ने कहा कि देख बताता हूं, क्या जवाब आया है लेकिन बाद में कई बार फोन किया गया लेकिन कोई जवाब नही आया. इधर शिकायतकर्ताओं ने जानकारी देते हुए बताया है कि मामले में शिकायत और जांच के बाद दोषी पाए जाने के बाद सरपंच-सचिव द्वारा आरोप स्वीकार किया गया है. अपनी गलती मानते हुए माफी मांगा गया है.
लेकिन शिकायतकर्ताओ ने मेढापाली सरपंच मेघनाथ पटेल और सचिव के ऊपर दंडात्मक कार्यवाही की मांग करते हुए जिला कलेक्टर और जिला सीईओ को शिकायत की प्रति सौंपते हुए उचित कार्यवाही की मांग की है. साथ ही थाने में भी मामले की शिकायत किया गया है.
इधर सरपंच मेढापाली मेघनाथ ने कहा कि मजदूरों के नाम से उनके घर वाले पैसा लिए और रोजगार गारंटी से मेरा क्या संबंध, उस समय के सचिव लक्ष्मी पटेल और रोजगार सहायक द्वारा मस्टरोल भरा गया था. मुझे जबरन फंसाने के लिए आरोप लगाया जा रहा है.