क्षेत्र के ऐतिहासिक मेला मामा-भांचा में छाई रही वीरानगी, शरद... - CG Sandesh

क्षेत्र के ऐतिहासिक मेला मामा-भांचा में छाई रही वीरानगी, शरद पूर्णिमा के दिन पहुँचते थे गांव-गांव से कई हजार लोग.

कोरोना वायरस के चलते महासमुंद जिले के बसना भँवरपुर क्षेत्र के सुप्रसिद्ध और ऐतिहासिक मेला मामा भांचा में इस बार मेला का आयोजन नही किया गया.  गौरतलब है कि ये मेला केवल 24 घंटे ही लगता है. जिसमें शामिल होने बहुत दूर-दूर से लोग बड़ी संख्या में आते हैं. जिस जगह ये मेला लगता है उस जगह को प्राचीन काल के ऋषियों की तपोभूमि कहते हैं. जहाँ आज भी ऋषियों के कुछ अवशेष मौजूद हैं.

जैसे ऋषि सरोवर, ऋषि गुफा, मुनि धुनि, वराह शीला, चूल्हा, बारस पीपल, भीम बाँध इत्यादि. बड़े बुजुर्ग बताते हैं के यहाँ डोंगरी के अंदर में झरना है, झील के जैसा छोटा तालाब है, हरा भरा मैदान है. जो हर समय ठण्ड और ताजगी से भरा रहता है.

यहाँ महासमुंद जिले के आस-पास के कई गांवों से परिवार के सहित लोग मेला का आनंद लेने पहुँचते थे. लेकिन बताया गया कि इस बार सिर्फ स्थानीय लोगो ने पूजा पाठ कर परम्परा को बनाए रखा.

यहाँ शिव का प्राचीन मंदिर है. और लंबी-लंबी अथाह सुरंगें हैं. जहाँ पत्थरों को हाथ से रगड़ने पर आज भी भभूत मिल जाती है. यही नहीं इस डोंगरी पर आयुर्वेदिक औषधियों का भी भंडार है. जहाँ आज भी वैद्यो को कई दुर्लभ प्रजाति की औषधियों तथा जड़ी बुटी के पौधे आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं. डोंगरी के बाहर विशाल जलाशय है जो बारह महीने पानी से भरा रहता है. जो कि नहाने वाले को ताजगी से भर देता है.


कहते हैं की इस जगह पर रात को जाने और डोंगर पर चढ़कर मामा भांचा मंदिर के दर्शन कर आशिर्वाद लेने वाले को बहुत ही आत्मिक शान्ति की अनुभूति होती है. चांदनी रात में बिना किसी लाइट के इस पहाड़ी की बड़ी-बड़ी चट्टानों को पार करते हुए इसकी चोटी पर चढ़ना किसी रोमांच से कम नहीं है. और चोटी पर चढ़कर वहां से आस पास के क्षेत्रो का नजारा तो रोंगटे खड़े करने के लिए काफी है.

ये जगह जिला मुख्यालय महासमुंद से 130 KM ब्लाक मुख्यालय बसना से 20 KM जबकि भंवरपुर से 5 KM की दुरी पर उत्तर में स्थित है. वैसे तो इस जगह पर पंहुचने के लिए चारों तरफ से रास्ता है मगर भंवरपुर से बनडबरी पतरापाली जाने वाले रास्ते पर तथा भंवरपुर से बरतियाभाँटा होते हुए संतपाली जाने वाले रास्ते पर जाना ज्यादा बेहतर है. भंवरपुर से लोहड़ीपुर मार्ग जो थोडा दुर्गम लेकिन दूर से व पैदल यात्रियो के लिए ठीक व पास है.


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