सीएमएचओ डाॅ. परदल को सेवानिवृत्ति विदाई देने, परिवार की तरह घर तक पहुंचा जिला स्वास्थ्य का अमला
”उत्कृष्ट अधिकारी की पहचान केवल उसकी पद-प्रतिष्ठा से नहीं, बल्कि स्वभाव और चरित्र से भी होती है, इस बानगी को चरितार्थ किया मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. आर. के. परदल के सेवानिवृत्ति विदाई समारोह ने”
शनिवार 31 अक्टूबर 2020 का दिन जिला स्वास्थ्य परिवार के लिए एतिहासिक रहा। दरअसल, वर्षो से अपने मृदुल स्वभाव और अनुशासनप्रिय व्यवहार से मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों के बीच गहरी पैठ बना चुके जिले के नामी चिकित्सक व मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. राकेश कुमार परदल की विदाई में हर कोई भावुक हो रो कर पड़ा। इस दिन जिला चिकित्सालय और उनके दफ्तर को जगमगाती रोशनी से सजाया गया। आयोजन में सभी ने बारी-बारी डाॅ. परदल के अनुभवी मार्गदर्शन से जुड़ी घटनाओं पर प्रकाश डालते हुए अपने अनुभवों को साझा किया। विदाई की घड़ी में मानो फूल मालाओं की झड़ियां लग गईं और उनके अधिनस्थों में इस हद तक समर्पण दिखा कि भेंट किए गए स्मृति चिन्हों को उनके निवास तक पहुंचाने के लिए अधिकांश अधिकारी-कर्मचारियों का स्वस्पफूर्त हो कर उनके घर तक जाना हुआ।

बता दें कि वे प्रदेश के इकलौते ऐसे चिकित्सक हैं, जिन्होंने अपने सेवा काल में मरीजों को उपचारित करने के साथ-साथ प्रशासनिक दायित्वों का भी बखूबी निर्वहन किया। 05 अक्टूबर 1955 को जन्में इस डाॅ. परदल की प्राथमिक शिक्षा भिलाई में हुई और क्रमशः उन्होंने जबलपुर, रायपुर एवं भोपाल के चिकित्सकीय संस्थानों से डाॅक्टरी की तालीम हासिल की। वर्ष 1881 में वे नौकरी में आए और चिकित्सा सेवा के क्षेत्र में दायित्वों का सिलसिला शुरू हुआ।
इस दौरान वे जिला टीकाकरण अधिकारी, सिकल-सेल नोडल अफसर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर आसीन रहे और वर्ष 2006 में माननीय राज्यपाल महोदय एवं 2009 में महिला एवं बाल विकास मंत्री के कर-कमलों से पुरस्कृत हुए। बढ़ते क्रम में वर्ष 2010 से वे बतौर सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक जिला चिकित्सालय को सींचने में जुट गए। एसएनसीयू, एनआरसी, शिशुरोग व डायलीसिस यूनिट सहित डेडिकेटेड कोविड अस्पताल एवं केविड केयर सेन्टर्स में सुनियोजित चिकित्सकीय उपलब्धताओं को पल्लवित करने में उन्होंने अनुकरणीय भूमिका निभाई।

वर्ष 2020 में डाॅ. परदल ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी का कार्यभार सम्हाला और 39 वर्षों की लंबी सेवा के बाद वे 31 अक्टूबर 2020 को सेवानिवृत हो गए। शनिवार को विदाई कार्यक्रम में उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट करते हुए शॉल ओढ़ा कर सम्मानित किया गया। विदाई समारोह में सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डाॅ. एन. के. मंडपे ने जिला स्वास्थ्य परिवार की ओर से डाॅ. परदल को उनके अभूतपूर्व मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया।
वहीं, वरिष्ठ चिकित्सक डाॅ. एस. पी. वारे ने भी भाव-विभोर स्वरों में उन्हें एक बेहतरीन चिकित्सक होने के साथ-साथ एक उमदा और कर्तव्यनिष्ठ प्रशासक की संज्ञा दी। आयोजन में जिला मुख्यालय सहित सभी विकासखण्डों से आए चिकित्सा अधिकारी सहित चिकित्सकीय, प्रबंधकीय एवं लिपिकीय स्वास्थ्यकर्मियों का परिवार सोशल डिस्टेन्सिग में उपस्थित रहा। जिन्होंने कहा कि डाॅ. परदल ने उन्हें अपने परिवार के सदस्य की तरह स्नेह-प्रेम किया, जिसे वे आजीवन भुला नहीं पाएंगे।
