डीपीएम ताम्रकार को सम्माननीय विदाई और वर्मा का वेलकम

खास बात रही कि उनके विदाई समारोह में जिला स्वास्थ्य सेवाओं एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के नियमित और अनियमित दोनों ही वर्ग के अधिकारी-कर्मचारियों ने डीपीएम ताम्रकार के सेवा काल के दौरान अपने साथ अनुभव किए यादगार पलों को साझा कर सहयोग व मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया। शाॅल, नारियल एवं फूलों के गुलदस्तों सहित स्मृति चिन्ह प्रदान कर उन्हें ससम्मान विदाई देते हुए नए कर्तव्य क्षेत्र में उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। इस दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. एन. के. मंडपे ने कहा कि डीपीएम ताम्रकार जैसे अधिकारी मिलना विरले ही सम्भव है। उन्होंने जिला स्वास्थ्य एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन सहित अन्य विभागीय समन्वयों को बखूबी निभाया।
उनके कार्यकाल में कही कोई चूक या कमी कभी नहीं दिखी। ताम्रकार का स्थान लेने वाले नए डीपीएम वर्मा ने बताया कि वे स्वयं विगत 05 वर्षों से डीपीएम के पद पर कार्य कर रहे हैं। बतौर वरिष्ठ अधिकारी वे पहले से ही ताम्रकार प्रभावित रहे हैं। इस दौरान उन्हें, जब भी ताम्रकार से मार्गदर्शन की आवश्यकता महसूस हुई, सहयोग मिलता रहा, जो आगे भी यथावत जारी रहेगा। विदाई समारोह में जिला मुख्यालय का अधिकांश चिकित्सकीय एवं स्वास्थ्य परिवार सोशल डिस्टेन्सिंग में बना रहा। जिन्हें डीपीएम ताम्रकार ने खट्टी यादों को भुला देने के साथ मीठे संयोगों की स्मृति में बनाए रखने के विनम्र निवेदन के साथ अलविदा कहा।

गौरतलब हो कि दुर्ग जिले से ताल्लुक रखने वाले ताम्रकार की शिक्षा-दीक्षा दुर्ग-भिलाई में हुई। रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के प्राधिकरण के अधीन राष्ट्रीय कैडेट कोर की सी प्रमाण पत्र परीक्षा पास करने के बाद से ही समाज सेवा का लक्ष्य निर्धारित किया और वर्ष 2005 से स्वास्थ्य सेवाओं से जुडे़। जिला महासमुंद में विगत 04 सालों से पदस्थ डीपीएम ताम्रकार ने अतिरिक्त प्रभार के रूप में प्रादेशिक स्तर पर अपनाने के साथ जिले से फलीभूत हो कर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय आयामों तक चर्चित रहने वाले अभियान नवजीवन में जिला नोडल अधिकारी कमान सम्हाली। लोगों में तनाव प्रबंधन और आत्महत्या रोकथाम के गुण विकसित करने में उल्लेखनीय योगदान के लिए वे गणतंत्र दिवस 2020 मुख्य अतिथि माननीय धमेंद्र साहू एवं विधायक विनोद चंद्राकर एवं कलेक्टर सुनील कुमार जैन द्वारा ‘उत्कृष्ट अधिकारी सम्मान‘ से नवाजे गए। इससे पहले भी वे बतौर डीपीएम वर्ष 2007 में जिला कबीरधाम में ‘मौसमी बीमारियों से रोकथाम‘, ‘निशुल्क लैंस प्रत्यारोपण, एवं वर्ष 2008 में ‘विशाल रक्तदान शिविर‘ आयोजन सहित वर्ष 2011 में धमतरी में ‘जननी सुरक्षा योजना‘ व वर्ष 2015 में जिला दुर्ग में ‘उत्कृष्ट कार्य‘ करने के लिए भी वरिष्ठ राजनीतिज्ञों और उच्चाधिकारियों से पुरस्कृत हो कर गौरान्वित चुके हैं।
