सावधान : कोरोना जैसे लक्षण छिपाना पड़ सकता है भारी, कोविड-19 के संक्रमण काल में सर्दी, खांसी, बुखार जैसे लक्षणों को नजर अंदाज करने से बढ़ जाता है खतरा
डॉक्टर से कुछ नहीं छिपाना चाहिए, लेकिन कुछ लोग इसे मानते
नहीं। ऐसे में सर्दी, खांसी, बुखार जैसे लक्षणों को छिपाना, जांच न कराना
और सही उपचार नहीं लेना, ये तीन ऐसी प्रमुख असावधानियां जो आपके लिए इतनी
घातक साबित हो सकती है, इस लापरवाही के कारण जान भी जा सकती है। यह कहना है
विशेषज्ञ चिकित्सकों का, जो निरंतर कोविड-19 विरूद्ध लड़ाई में गंभीर
मरीजों की जान बचाने की भरकस कोशिशों में लगे हैं।
मुख्य
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. एन. के. मंडपे ने आम-जन की ओर अपील
जारी करते हुए स्पष्ट कहा है कि कोविड-19 का खतरा अभी भी टला नहीं है,
इसलिए लोग इस जानलेवा महामारी को बिलकुल भी हल्के में न लें। कोरोना वायरस
नियंत्रण एवं रोकथाम दल के जिला नोडल अधिकारी डाॅ. अनिरुद्ध कसार ने बताया
कि ऐसे लोग जिनकी उम्र 55 वर्ष से अधिक है या जिन्हें टीबी, मलेरिया,
किडनी, कैंसर, मधुमेह व अनियमित रक्तचाप जैसी बीमारियां हैं, उन्हें
सर्वाधिक खतरा है।
वहीं, अब तक प्राप्त अद्यतन जानकारी में भी यह सामने आ
रहा है कि जो लोग सर्दी, खांसी, बुखार जैसे लक्षण होने पर तत्काल जाँच
करायें । ज़िले में वर्तमान में कोविड-19 मरीजों केे उपचार के लिए
चिकित्सकीय प्रबंध उपलब्ध है ।समय पर जांच करा कर उपचार लिया जाए तो जल्द
ही इस बीमारी को शरीर में होने वाले नुक़सान से बचा जा सकता है । लोगों को
इस समय कोरोना लक्षण को लेकर सजग और सतर्क रहने की सख्त जरूरत है।
जानिए जल्द जांच कराने के फायदे
डिस्ट्रिक्ट
सर्विलेन्स ऑफिसर डाॅ. छत्रपाल चंद्राकर का कहना है कि अगर आप समय रहते
कोविड-19 का टेस्ट करा लेते हैं तो धनात्मक स्थिति में आपको उपचार के लिए
24 से 48 घंटों का और अधिक समय मिलता है। इसे ऐसे समझ सकते है कि यदि आज 08
नवम्बर 2020 को मरीज ने जांच करा ली और धनात्मक आ गया तो सीधे-सीधे तत्काल
चरणबद्ध तरीके से कोविड-19 का उपचार शुरू हो जाएगा। इसके उलट, लक्षण दिखने
के बाद भी समय गंवा कर जांच न कराने वाले प्रकरण में बीमारी बढ़ने लगेगी और
गंभीर होने तक कई किस्म की जांच और पड़ताल से गुजरने के बाद, सम्भव हो कि
09 या 10 नवम्बर को पता चलता है कि मरीज को कोविड-19 संक्रमण भी है। ऐसे
में जांच प्रक्रिया में लगने वाले समय को बचा लेने से रिकव्हरी के लिए मरीज
और उपचार करने के लिए चिकित्सक दोनों को अपेक्षाकृत अधिक समय मिलता है।
समय रहते कोविड जांच करा कर उपचार लेने वाले मरीजों में शीघ्रता से
स्वास्थ्य लाभ मिलने की दर भी अधिक होती है।
घबराने की जरूरत नहीं-जिला स्वास्थ्य सलाहकार
जिला
स्वास्थ्य सलाहकार संदीप चंद्राकर ने बताया कि जिला प्रशासन के
निर्देशानुसार जिला स्वास्थ्य ने तीन श्रेणियों में क्रमशः लक्षण रहित
मरीजों के लिए जय हिन्द काॅलेज कोविड केयर सेन्टर में 206, लक्षण वाले
मरीजों के लिए यानी जीएनएम नर्सिंग सेन्टर भवन मतलब क्रिटिकल कोविड केयर
सेन्टर में 232 एवं गंभीर मरीजों को स्वास्थ्य लाभ देने के लिए डेडिकेटेट
कोविड अस्पताल में 28 बिस्तरों की व्यवस्था की है। साथ ही ऐसे मरीज जिनमें
लक्षण नहीं हैं या कम हैं उन्हें होम आइसोलेशन में रहा कर भी उपचार कराने
की सुविधाएं प्रदाय की जा रही हैं। ऐसे में, हमें चाहिए कि इन चिकित्सा
सुविधाओं का बिना हिचकिचाए लाभ लें और स्वयं के साथ अपने परिवार और समाज को
भी कोविड-19 से बचाए रखने में सहयोग प्रदान करें।
तीन प्रणालियों में हो रही है कोविड की निशुल्क जांच
जरा
से भी लक्षण महसूस हों तो आप अपने नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में जा कर
रैपिड एन्टीजन किट से कोविड-19 की त्वरित जांच करा सकते हैं। 15 मिनटों में
रिजल्ट दे दिया जाएगा। वहीं, जिले में ट्रू-नाॅट और आरटीपीसीआर प्रणालियों
से भी कोविड-19 की निशुल्क जांच की सुविधाएं उपलब्ध हैं।
भ्रष्टाचार को बढ़ावा और मुख्यमंत्री के जीरो टोलरेंस निति को चुनौती देता जनसंपर्क विभाग, पीजीपोर्टल, जनशिकायत, सीएमहेल्पलाइन लाइनपर की गई शिकायत सब बेअसर
पीजी पोर्टल में शिकायत के बाद भी नहीं मिल रहा न्याय, जाँच प्रणाली में सुधार की आवश्यकता, आजादी के 79 साल बाद भी शिकायत के जाँच में स्वतंत्रता नही.
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